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जेनित्री ने असम में मातृ एवं भ्रूण देखभाल को सुदृढ़ करने हेतु राज्यव्यापी इंट्रापार्टम सेंट्रल मॉनिटरिंग नेटवर्क को सशक्त बनाया

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 5, 2026 19:08 IST

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नए जीएमसीएच भवन की आधारशिला रखी तथा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का उद्घाटन किया।

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ठळक मुद्देसम के माननीय मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति रही।शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) को कम करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

गुवाहाटीः असम ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य में जेनित्री इनोवेशन्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित स्वदेशी चिकित्सा तकनीक से सक्षम राज्यव्यापी इंट्रापार्टम सेंट्रल मॉनिटरिंग नेटवर्क की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तकनीक-आधारित नैदानिक निगरानी के माध्यम से मातृ एवं भ्रूण निगरानी को बेहतर बनाना है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), असम द्वारा आयोजित एक प्रमुख स्वास्थ्य अवसंरचना कार्यक्रम के दौरान गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में किया गया। इस अवसर पर असम के माननीय मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नए जीएमसीएच भवन की आधारशिला रखी तथा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। यह राज्य सरकार की तृतीयक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने और मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) तथा शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) को कम करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

जनसभा को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि असम देश का पहला राज्य है जिसने राज्यव्यापी इंट्रापार्टम सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम को अपनाया है। उन्होंने इसे भारत में अपनी तरह की पहली पहल बताया। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इस प्रकार की व्यापक एवं केंद्रीकृत मातृ एवं भ्रूण निगरानी सुविधा देश के अधिकांश निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध नहीं है।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि तकनीक-सक्षम यह निगरानी प्रणाली प्रसव के दौरान शीघ्र जोखिम पहचान और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप को संभव बनाएगी, जिससे एमएमआर और आईएमआर में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह संपूर्ण समाधान ‘मेड इन इंडिया’ है। जो सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु स्वदेशी तकनीक के उपयोग में असम की अग्रणी भूमिका को दर्शाता है।

सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जेनित्री तकनीक की तैनाती

इस कार्यक्रम के अंतर्गत, जेनित्री ने असम भर में 41 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों—जिनमें मेडिकल कॉलेज, सिविल अस्पताल तथा जिला अस्पताल शामिल हैं—में 82 उन्नत इंट्रापार्टम मॉनिटरिंग उपकरण स्थापित किए हैं। यह स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए देश में सार्वजनिक क्षेत्र में किए गए सबसे बड़े केंद्रीकृत इंट्रापार्टम मॉनिटरिंग सिस्टम कार्यान्वयनों में से एक है।

जेनित्री द्वारा संचालित यह नेटवर्क प्रसव और डिलीवरी के दौरान सतत निगरानी को सक्षम बनाता है, जिससे विभिन्न स्तरों की स्वास्थ्य सुविधाओं में नैदानिक निगरानी सुदृढ़ होती है और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप संभव होता है।

जेनित्री के सेंट्रल मॉनिटरिंग प्लेटफ़ॉर्म से संभव हुआ केंद्रीकृत पर्यवेक्षण

इस पहल का एक प्रमुख घटक जेनित्री का सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम है, जिसके छह यूनिट गुवाहाटी स्थित एनएचएम असम मुख्यालय में स्थापित किए गए हैं। यह प्रणाली चिकित्सकों और कार्यक्रम प्रशासकों को विभिन्न अस्पतालों में एक साथ कई मरीजों की वास्तविक समय में दूरस्थ निगरानी की सुविधा प्रदान करती है,

जिससे राज्य स्तर पर इंट्रापार्टम देखभाल में बेहतर समन्वय और निर्णय-निर्माण संभव होता है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, जेनित्री के प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से इंट्रापार्टम मॉनिटरिंग का केंद्रीकरण उच्च जोखिम वाली डिलीवरी के दौरान रेफ़रल प्रक्रियाओं और नैदानिक प्रतिक्रिया को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

तीव्र राज्यव्यापी अपनाने से प्रणाली की तत्परता सिद्ध

असम के 12 अस्पतालों में जेनित्री के केंद्रीकृत नेटवर्क के माध्यम से सीटीजी मॉनिटरिंग शुरू हो गई, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में इस तकनीक को तेजी से अपनाए जाने को दर्शाता है। अधिकारियों ने बताया कि यह त्वरित संचालन जेनित्री की बड़े पैमाने पर सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को समर्थन देने की क्षमता और सार्वजनिक क्षेत्र में स्वदेशी चिकित्सा तकनीकों पर बढ़ते भरोसे को रेखांकित करता है।

शीघ्र जोखिम पहचान के माध्यम से सुरक्षित प्रसव को समर्थन

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि प्रभावी इंट्रापार्टम मॉनिटरिंग भ्रूण संकट की शीघ्र पहचान के लिए अत्यंत आवश्यक है, जो समय पर पता न चलने पर गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है। सतत निगरानी और केंद्रीकृत पर्यवेक्षण को सक्षम बनाकर, जेनित्री की प्रणाली से असम भर में माताओं और नवजात शिशुओं के लिए सुरक्षित प्रसव और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

भारत की स्वदेशी स्वास्थ्य नवाचारों में जेनित्री का प्रदर्शन

उद्घाटन के दौरान, जेनित्री की भ्रूण एवं मातृ मॉनिटरिंग तकनीक को अन्य ‘मेड इन इंडिया’ स्वास्थ्य नवाचारों के साथ प्रदर्शित किया गया, जिनमें स्वदेशी सर्जिकल रोबोट और लो-फ़ील्ड एमआरआई तकनीक शामिल थीं। इन नवाचारों के बीच जेनित्री के समाधान की उपस्थिति भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य परिवर्तन में इसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।

भारत में केंद्र और राज्यों के लिए एक विस्तार योग्य मॉडल

इस पहल के साथ, असम उन गिने-चुने राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए राज्यव्यापी, केंद्रीकृत इंट्रापार्टम मॉनिटरिंग नेटवर्क को सफलतापूर्वक लागू किया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल अन्य राज्यों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशनों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करती है, जो डिजिटल और केंद्रीकृत देखभाल वितरण के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परिणामों को सुदृढ़ करना चाहते हैं।

टॅग्स :असमहेमंत विश्व शर्मा
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