लाइव न्यूज़ :

हैवी और पेनफुल पीरियड्स होने पर डॉक्टर के पास जरूर जाएं महिलाएं, वर्ना हो सकती है यह बड़ी समस्या

By उस्मान | Updated: February 7, 2018 12:30 IST

हैवी पीरियड्स से आपको एनीमिया की समस्या हो सकती है और आपके शरीर में आयरन की कमी हो सकती है।

Open in App

हर महिला को मासिक चक्र से गुजरना पड़ता है। हर महिला की पीरियड्स अवधि अलग-अलग हो सकती है। अधिकतर महिलाएं पीरियड्स से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर खुलकर बात नहीं करती हैं या शर्म महसूस करती हैं, जिसका खामियाजा उन्हें कई अन्य गंभीर समस्याओं के रूप में भुगतना पड़ सकता है। अगर आपके पीरियड्स हैवी या पेनफुल होते हैं, तो आपको हर हाल में अपने गाइनोकॉलोजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। 

पीरियड्स में महसूस होने वाले लक्षण

डॉक्टर के अनुसार, पीरियड्स में ब्लीडिंग होना आम समस्या है। इसके अलावा आपको दस्त, उल्टी, चक्कर आना, बेहोशी, नींद आना, अवसाद और चिंता जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। कई महिलाओं के लिए पीरियड्स के दिनों होने वाली यह समस्याएं नॉर्मल हो सकती हैं लेकिन अगर आपको हैवी ब्लीडिंग या दर्द ज्यादा होता है, तो आपको गाइनोकॉलोजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। 

क्या कहता है सर्वे

'एम आई नंबर 5' के एक सर्वे के अनुसार, हर पांच में सिर्फ एक महिला ही अपनी समस्या को लेकर डॉक्टर के पास जाती है। हैवी पीरियड्स की वजह से यूके में 4 मिलियन महिलाएं प्रभावित हैं। इससे महिलाओं को डिसमेनोरिया की समस्या हो सकती है। हैरानी की बात यह है कि अधिकतर महिलाएं यह नहीं जानती हैं कि डिसमेनोरिया एक मेडिकल कंडीशन है, जिससे कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।  

हैवी और पेनफुल पीरियड्स से आपको हो सकती है यह समस्याएं

आपको बता दें हैवी पीरियड्स से आपको एनीमिया की समस्या हो सकती है और आपके शरीर में आयरन की कमी हो सकती है। इससे आपको थकान, सांस में कमी और बेचनी होने हो सकती है। इसके अलावा हैवी और पीरियड्स से आपको फाइब्रॉइड्स और एडेनोमोसिस की समस्या भी हो सकती है, जिससे आपके गर्भाशय की मसल्स पर असर पड़ता है। एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिससे आपको पेनफुल पीरियड्स, पेनफुल सेक्स और यहां तक कि फर्टिलिटी पर भी असर पड़ सकता है। यदि समस्या गंभीर है, तो आंत्र और मूत्राशय भी प्रभावित हो सकता है। पेनफुल पीरियड्स से राहत पाने के लिए आप पेरासिटामोल जैसी दवाएं ले सकती हैं। हालांकि गंभीर स्थिति में आपको हॉस्पिटल में एडमिट भी होना पड़ सकता है। इसके अलावा मॉर्फीन जैसी दवा से आपको उल्टी, खुजली और चक्कर आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 

इस बात का रखें ध्यान

बहुत सी महिलाएं पीरियड्स से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर बात नहीं करती हैं। इससे आपके साथ-साथ आपके परिवार वालों का भी जीवन प्रभावित हो सकता है। इसलिए इस मामले में आपको घर के सदस्यों से बात करने की बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी बहुत जरूरी है। जाहिर है वो आपकी समस्या को बेहतर तरीके से समझ सकता है और बेहतर सलाह दे सकता है। 

(फोटो- Pixabay) 

टॅग्स :पीरियड्सस्वास्थ्यहेल्थ टिप्सलाइफस्टाइलफिटनेस टिप्समहिलाऔरपुरूष
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्यWorld Hearing Day 2026: लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल आपकी सुनने की शक्ति को कैसे पहुंचा सकता है नुकसान

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब