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महिलाओं को हार्ट फेलियर से मौत का खतरा ज्यादा, जानिए कारण और लक्षण

By उस्मान | Updated: July 16, 2018 17:08 IST

यह एक अचानक होने वाली ऐसी घटना है जिसमें जिसमें दिल को ब्लड सप्लाई करने वाली मुख्य धमनियों में से कोई एक ब्लॉक हो जाती है। ब्लड और ऑक्सीजन नहीं मिलने से दिल की मांसपेशियों को धीरे-धीरे मर जाती हैं जिससे मौत की संभावना होती है।

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हृदय गति रुक जाने यानी हार्ट फेलियर के कारण पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की मौत होने का खतरा ज्यादा होता है। कनाडा में किए गए एक नए अध्ययन में यह सामने आया है कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में महिलाओं की संख्या बढ़ रही है जबकि पुरुषों की संख्या कम हो रही है। कनाडा में यूनिवर्सिटी ऑफ ओटावा हार्ट इंस्टीट्यूट के लुइस सन ने कहा कि हृदय गति रुकने की घटनाओं, परिणामों और प्रसव में लिंग भेद का अध्ययन करने के लिए शोध की श्रृंखलाओं में यह पहला अध्ययन है।

कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, महिलाओं में दिल की बीमारी के कारण होने वाली मौतों में 35 फीसदी मौत की मुख्य वजह हृदय गति रुकना है। हाल के अध्ययन से पता चला कि हृदय गति रुकने से हुई मौतों की दर में कमी आई है। बहरहाल, इन महिलाओं और पुरुषों में हृदय गति रुकने से हुई मौतों में अंतर पाया गया।

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हार्ट फेलियर क्या है?

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉक्टर के. के अग्रवाल के अनुसार, अधिकतर लोग हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर के बीच के अंतर को नहीं जानते हैं। बेशक इनके लक्षण और कारण एक जैसे हो सकते हैं लेकिन यह दोनों अलग-अलग स्थिति हैं। यह एक अचानक होने वाली ऐसी घटना है जिसमें जिसमें दिल को ब्लड सप्लाई करने वाली मुख्य धमनियों में से कोई एक ब्लॉक हो जाती है। ब्लड और ऑक्सीजन नहीं मिलने से दिल की मांसपेशियों को धीरे-धीरे मर जाती हैं जिससे मौत की संभावना होती है।

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हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक है हार्ट फेलियर

हार्ट फेलियर केवल दिल तक सीमित नहीं है बल्कि इससे आपका पूरा शरीर प्रभावित होता है। दिल की मसल्स कमजोर होने से दिल के अलावा अन्य अंगों पर भी दबाव बनता है और उनके कामकाज प्रभावित होता है। जैसे किडनियां शरीर में द्रव और नमक को बनाए रखती हैं। इससे हाथ, पैर, टखनों, पैर, फेफड़े, या अन्य अंगों में द्रव का निर्माण होता है। यही कारण है कि इस स्थिति को हार्ट फेलियर कहा जाता है। हार्ट फेलियर में लेफ्ट, राइट साइड या दोनों साइड शामिल हो सकते हैं। यह लेफ्ट साइड से शुरू होता है, जो कि दिल का मुख्य पम्पिंग चैम्बर है।

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हार्ट फेलियर के कारण

जीवनशैली से जुड़ी कई खराब आदतें इसका कारण हो सकती हैं। इसका मुख्य कारण धमनियों का ब्लॉक होना, कार्डियोमायोपैथी (इन्फेक्शन या शराब से दिल की मसल्स डैमेज होना) डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, मोटापा, किडनी के रोग आदि हैं। वास्तव में हार्ट फेलियर हार्ट अटैक के तुरंत बाद भी हो सकता है।

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हार्ट फेलियर के लक्षण

-फेफड़ों में बेचैनी और सांस की कमी-वाटर रिटेंशन यानि टखनों, पैर या पेट में द्रव जमा होना-बेवजह वजन बढ़ना-रात को ज्यादा पेशाब आना-व्यायाम की क्षमता कम होना और अत्यधिक थकान-चक्कर आना या भ्रम-अनियमित दिल की धड़कन

(फोटो- पिक्साबे) 

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