लाइव न्यूज़ :

COVID-19 vaccine: वैज्ञानिकों का दावा, कोरोना वैक्सीन 'mRNA-1273' से बुजुर्गों में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न हुई

By उस्मान | Updated: October 1, 2020 10:30 IST

कोरोना वायरस की वैक्सीन: इस टीके को नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डीजिजेज (एनआईएआईडी) और अमेरिकी बायोटेक कंपनी मॉडर्ना ने बनाया है

Open in App
ठळक मुद्देवालंटियर्स ने टीके को लोगों अच्छी तरह सहन किया 16 मार्च को शुरू हुआ था प्रथम चरण का परीक्षणरीक्षण में 40 स्वस्थ स्वयंसेवकों को पंजीकृत किया गया

कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। चीन से निकले इस खतरनाक वायरस से अब तक 10 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और 34,156,587 लोग संक्रमित हुए हैं और यह आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है।

इस बीच यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डीजिजेज (एनआईएआईडी) और अमेरिकी बायोटेक कंपनी मॉडर्ना के अनुसंधानकर्ताओं द्वारा मिलकर विकसित किये गए अनुसंधानात्मक टीके के प्रथम चरण के परीक्षण में यह बात सामने आयी कि इससे वृद्धों में मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न हुई। 

वालंटियर्स ने टीके को लोगों अच्छी तरह सहन किया 'न्यू इंग्लैंड जर्नल आफ मेडिसिन' में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार प्रायोगिक टीके ‘एमआरएनए-1273' (mrna-1273) को परीक्षण में शामिल व्यक्तियों ने अच्छी तरह से सहन किया। 

एनआईएआईडी के अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार वृद्ध व्यक्तियों पर कोविड-19 की जटिलताओं का अधिक खतरा रहता है और ये टीकाकरण के लिए महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। 

16 मार्च को शुरू हुआ था प्रथम चरण का परीक्षणअनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि यह टीका इस वर्ग के लोगों पर किस तरह का प्रभाव डालता है, यह इसकी सुरक्षा एवं प्रभावकारिता का पता लगाने का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रथम चरण का परीक्षण 16 मार्च 2020 को शुरू हुआ था और इसे इसमें वृद्धों को पंजीकृत करने के लिए बाद में करीब एक महीने बढ़ा दिया गया था। 

वैज्ञानिकों ने कहा कि इसके तहत परीक्षण में 40 स्वस्थ स्वयंसेवकों को पंजीकृत किया गया। इनमें 20 की आयु 56 से 70 वर्ष और 20 की आयु 71 वर्ष या उससे अधिक थी। 

अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि अनुसंधानात्मक टीके को इस आयु वर्ग के स्वयंसेवकों द्वारा अच्छी तरह से सहन किया गया, हालांकि कुछ में टीके लगने के बाद बुखार या थकान जैसे प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिले। वैज्ञानिकों के अनुसार जिन्हें टीके लगाये गए उनमें कोरोना वायरस एसएआरएस-सीओपी-2 के प्रति अच्छी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न हुई। 

भारत में संक्रमितों की संख्या 63 लाख के पार

भारत में कोरोना संक्रमण के मामले में तेजी से वृद्धि हो रही है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 86,821 नए मामले सामने आए हैं। इसके अलावा, देश भर में कोरोना संक्रमण की वजह से 1181 और लोगों की मौत हुई है। इस तरह भारत में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 63 लाख के पार हो गया है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट की मानें तो गुरुवार सुबह तक देश में कोरोना की वजह से करीब 98678 लोगों की मौत हो गई है। यह सरकारी आकंड़ा जल्द ही एक लाख पहुंचने को है। 

देश भर में 52 से अधिक लोगों ने कोरोना को हराया-

बता दें कि भारत में कोरोना संक्रमण को हराने वालों की संख्या 52 लाख से अधिक हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, गुरुवार सुबह तक यदि कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले लोगों का आंकड़ा 5273201 पहुंच गया है। 

इस आंकड़े पर यदि विश्वास करें तो देश में कुल कोरोना संक्रमितों में से करीब 90 प्रतिशत लोग कोरोना संक्रमण को मात दे चुके हैं। इस तरह बड़ी संख्या में लोग कोरोना संक्रमण के मात दे चुके हैं। लेकिन, इसके बावजूद कोरोना का कहर अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

टॅग्स :कोरोना वायरसकोविड-19 इंडियाहेल्थ टिप्समेडिकल ट्रीटमेंट
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यरूमेटॉइड आर्थराइटिस विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से अंतरराष्ट्रीय सम्मान

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यबांग्लादेश खसरा प्रकोपः 100 से अधिक बच्चों की मौत?, मार्च से अब तक 900 से अधिक केस, खसरा-रूबेला का आपातकालीन टीकाकरण अभियान चलाया?

स्वास्थ्यJammu-Kashmir: जम्‍मू कश्‍मीर में कैंसर का बढ़ता बोझ, 2018 से कश्मीर में 50,000 से ज्‍यादा मामले सामने आए

स्वास्थ्यविश्व स्वास्थ्य दिवसः वैज्ञानिक सोच से बदलेगी सेहत की तस्वीर

स्वास्थ्यपुष्पा… नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या? फायर है मैं…”

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत