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वैज्ञानिक का दावा, हैंड सैनिटाइजर से खत्म नहीं होता कोरोना वायरस, ज्यादा इस्तेमाल से हाथों में जमा हो सकते हैं नए सुपरबग

By उस्मान | Updated: September 1, 2020 09:58 IST

कोरोना से बचने के उपाय : विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साबुन और पानी से हाथ धोने को सबसे प्रभावी तरीका माना है।

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ठळक मुद्देअल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर के अधिक इस्तेमाल से बैक्टीरिया पैदा हो सकते हैंनए सुपरबग बना सकते हैं इसके बजाय साबुन और पानी से हाथ धोने पर अधिक जोर देना चाहिए

कोरोना वायरस से बचने के लिए हाथों को धोने के लिए साबुन-पानी और अल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल बताया गया है। कोरोना शुरू होने से लेकर अब तक लोग हैंड सैनिटाइजर का खूब उपयोग कर रहे हैं। बेशक कुछ वैज्ञानिक इसे कोरोना से बचने का प्रभावी तरीका मानते हों लेकिन अब वैज्ञानिक ने अपने शोध में इसका इस्तेमाल खतरनाक बताया है। 

एक वैज्ञानिक ने चेतावनी दी है कि अल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर का अधिक इस्तेमाल करने से कुछ बैक्टीरिया पैदा हो सकते हैं और नए सुपरबग बना सकते हैं जिससे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है।

सैनिटाइजर कोरोना के वायरस को मार सकता है, साबित नहींब्रिटिश इंस्टीट्यूट ऑफ क्लीनिंग साइंसटिफिक एडवाइजरी बोर्ड के प्रमुख एंड्रयू केम्प ने कहा, यह अभी तक साबित नहीं हुआ है कि अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर कोविड-19 का कारण बनने वाले वायरस को मार सकता है।

सुपरबग सीख जाते हैं जीवित रहनाउन्होंने कहा कि कीटाणुनाशक उत्पाद पर ज्यादा निर्भर रहने का मतलब हो सकता है कि कुछ कीड़े सीखेंगे कि उन्हें कैसे जीवित रहना है। इसके बजाय साबुन और पानी से हाथ धोने पर अधिक जोर देना चाहिए। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी संक्रमण से बचने के लिए सबसे प्रभावी तरीका माना है।

सैनिटाइजर का कम इस्तेमाल सही उपायकेम्प की रिसर्च को अमेरिकन जर्नल ऑफ बायोमेडिकल साइंस एंड रिसर्च में प्रकाशित किया गया है। उन्होंने कहा है कि हैंड जेल को केवल एक अंतिम उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा, 'भले ही हैंड जेल 99.9 प्रतिशत सभी जीवाणुओं को मार देते हैं लेकिन किसी भी समय आपके हाथों पर एक लाख से अधिक बैक्टीरिया हो सकते हैं, जिनमें से 10,000 बैक्टीरिया हाथ साफ करने के बाद भी रह सकते हैं। ये चीनी और प्रोटीन के एक अवशेष में होंगे।

देश में कोरोना से 64,469 मौतभारत में कोविड- 19 के 78,512 नए मामले सामने आने के बाद सोमवार को देश में संक्रमण के मामले 36 लाख पार कर गए। वहीं, 27,74,801 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के बाद देश में मरीजों के ठीक होने की दर 76।62 प्रतिशत हो गई है। 

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में वायरस से 971 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 64,469 हो गई। मंत्रालय के अनुसार देश में अभी कोरोना वायरस से संक्रमित 7,81,975 मरीजों का इलाज जारी है जबकि 27,74,801 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। 

देश में कोविड-19 के अभी तक कुल 36,21,245 मामले सामने आए हैं। देश में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 76।62 प्रतिशत हो गई है जबकि मृत्यु दर गिरकर 1।78 प्रतिशत हो गई। मंत्रालय के अनुसार केवल पिछले आठ दिनों में करीब पांच लाख लोग ठीक हुए है। इससे पहले इतने लोग क्रमश: 10 और नौ दिन में ठीक हुए थे। 

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार भारत में अभी तक कुल 4,23,07,914 नमूनों की कोविड-19 की जांच की गई है, जिसमें से 8,46,278 नमूनों की जांच रविवार को की गई। आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिन 971 लोगों की मौत हुई उनमें से सबसे अधिक 296 लोग महाराष्ट्र के थे।

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