लाइव न्यूज़ :

मणिपुर: 12 साल के बच्चे ने किया कमाल, सबसे कम उम्र में देगा 10वीं बोर्ड की परीक्षा

By भाषा | Updated: December 3, 2019 13:04 IST

Open in App

मणिपुर में 12 वर्षीय बच्चा 10वीं बोर्ड की परीक्षा देने वाला सबसे युवा छात्र बनने जा रहा है। एक अधिकारी ने यहां बताया कि 141 आईक्यू स्कोर वाले आइजक पॉललुंगमुआन चुराचांदपुर जिले के ‘माउंट ओलिव स्कूल’ का छात्र है और 2020 में वह ‘हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन’ (एचएसएलसी) की परीक्षा देगा।

उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए सरकार की अनुमति हासिल करने के लिए उसे मनोवैज्ञानिक परीक्षा भी पास करनी होगी। मणिपुर में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव चिथुंग मेरी थॉमस द्वारा जारी बयान में कहा गया कि 10वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा देने के लिए मौजूदा नियम के अनुसार किसी विद्यार्थी की उम्र कम से कम 15 वर्ष होनी चाहिए। लेकिन पॉललुंगमुआन के मामले में इसमें छूट दी गई है क्योंकि यह एक ‘‘विशेष मामला’’ है। 

इससे पहले राजस्थान के जयपुर के मयंक प्रताप सिंह ने राजस्थान न्यायिक सेवा 2018 (Rajasthan judicial services 2018 exam) की परीक्षा को पास कर एक नया इतिहास रच दिया था। मयंक प्रताप सिंह ने महज 21 साल की उम्र में राजस्थान न्यायिक सेवा 2018 की परीक्षा पास की और अब वे देश के सबसे युवा जज बनने की राह पर हैं। 

टॅग्स :मणिपुर
Open in App

संबंधित खबरें

भारतगुवाहाटी में कुकी जो काउंसिल के प्रतिनिधिमंडल से मिले मणिपुर सीएम वाई खेमचंद सिंह, शांति और सामान्य स्थिति पर 1.45 घंटा चर्चा

भारतManipur Protests: मणिपुर में भाजपा सरकार ने पास किया फ्लोर टेस्ट, नई सरकार के आते ही चुराचंदपुर में हिंसक प्रदर्शन, 5 लोग घायल

भारतमणिपुर को नया मुख्यमंत्री मिला, युमनाम खेमचंद सिंह ने ली सीएम पद की शपथ

भारतमणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटाया गया, एनडीए नेताओं ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

भारतकौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह? जानिए मणिपुर के होने वाले मुख्यमंत्री के बारे में

पाठशाला अधिक खबरें

पाठशालास्प्रिंगर नेचर ने ICSSR, दिल्ली में 'इंडिया रिसर्च टूर' के तीसरे संस्करण को दिखाई हरी झंडी

पाठशालापढ़ाई पर है पूरा ज़ोर, नहीं रहेगा बच्चा कमजोर

पाठशालासत्यार्थी समर स्कूल: 11 देशों के प्रतिभागियों ने किया दिल्ली और राजस्थान आश्रम का दौरा

पाठशालाJEE Advanced: मन में है विश्वास हम होंगे कामयाब?, लगन और जुनून तो मंज़िल मुश्किल नहीं

पाठशालारूस-यूक्रेन के डर के बीच किर्गिस्तान में मेडिकल पढ़ाई को मिल रहा नया ठिकाना