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Visa Corruption Case: कार्ति चिदंबरम के करीबी माने जाने वाले भास्कर रमन को सीबीआई ने किया गिरफ्तार, घूस लेकर चीनी नागरिकों को वीजा देने का आरोप

By आजाद खान | Updated: May 18, 2022 10:51 IST

Visa Corruption Case: आपको बता दें कि इससे पहले सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम के घर और दफ्तर में छापे मार चुकी है जिसके बाद उनके करीबी को गिरफ्तारी किया गया है।

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ठळक मुद्देकार्ति चिदंबरम के करीबी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मंगलवार देर रात को हुई है।बताया जा रहा है कि वीजा भ्रष्टाचार के मामले में यह गिरफ्तारी हुई है।

Visa Corruption Case: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के करीबी बताए जाने वाले एक शख्स को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने भास्कर रमन को गिरफ्तार किया है जिनके बारे में यह कहा जाता है कि वे कार्ति चिदंबरम के नजदीकी है। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर को हुई यह गिरफ्तारी वीजा भ्रष्टाचार के मामले में हुई है। सीबीआई अब रमन से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई करेगी। आपको बता दें कि सीबीआई ने इस मामले में पहले ही कार्ति चिदंबरम के घर और दफ्तर में छापे मार चुकी है। ऐसा कहा जा रहा है कि यह गिरफ्तारी इसी छापेमारी के बाद और आधार पर हुई है। 

घूस लेकर चीनी नागरिकों को वीजा देने का आरोप

बताया जा रहा है कि कार्ति चिदंबरम के करीबी को कल देर रात चेन्नई से गिरफ्तार किया गया है। कार्ति चिदंबरम और उनके सहयोगियों पर यह आरोप है कि वे लोग लाखों रुपए लेकर चीनी नागरिकों को वीजा दिलाते थे। इस मामले में सीबीआई ने पहले कार्ति चिदंबरम के घर और उनके ऑफिस पर छापा मारा था और उसके बाद भास्कर रमन को गिरफ्तार किया है। सीबीआई अब इस मामले में उससे पूछताछ कर मामले की आगे कार्रवाई करेगी। जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने कथित तौर पर रिश्वत लेने के मामले में एस. भास्कर रमन को गिरफ्तार किया है। 

इस गिरफ्तारी पर क्या कहा अधिकारियों ने

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, मामले की जांच करने वाले जांच अधिकारी ने आरोप लगाया है कि मखारिया ने कार्ति के ‘‘करीबी सहयोगी’’ के जरिए उनसे सम्पर्क किया था। अधिकारियों ने यह भी कहा कि उन्होंने चीनी कम्पनी के 263 कर्मचारियों को पुन: परियोजना वीजा दिलवाए थे। आपको बता दें कि प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि परियोजना वीजा एक विशेष प्रकार का वीजा है, जिसे 2010 में बिजली तथा इस्पात क्षेत्र के लिए पारित किया गया था, जिसके लिए तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदंबरम के मंत्रालय ने विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए थे, लेकिन परियोजना वीजा पुन: जारी करने का उसमें कोई प्रावधान नहीं था।

भाषा इन्पुट के साथ

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