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निर्भया केस: 'जल्द से जल्द डेथ वारंट' वाले केस में दिल्ली की अदालत में चारों दोषियों की आज पेशी

By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: December 13, 2019 10:10 IST

पटियाला हाउस कोर्ट में निर्भया के माता-पिता ने दोषियों की जल्द फांसी के लिए याचिका दायर की थी, जिस पर अदालत सुनवाई कर रही है।

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ठळक मुद्देनिर्भया की माता-पिता की वकील सीमा कुशवाहा ने अदालत से बिना देरी किए दोषियों की फांसी के लिए डेथ वारंट की मांग की थी। दोषियों की सुरक्षा और उनके जीवन को खतरे के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत के समक्ष उनकी पेशी होगी।

निर्भया गैंगरेप-हत्याकांड के चारों दोषियों की आज (13 दिसंबर) को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेशी होगी। दोषियों की सुरक्षा और उनके जीवन को खतरे के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत के समक्ष उनकी पेशी होगी। 

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, निर्भया के चारों दोषियों के वकील शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पहले एक हलफनामा दाखिल करेंगे और फिर मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होगी।

बता दें कि पटियाला हाउस कोर्ट में निर्भया के माता-पिता ने दोषियों की जल्द फांसी के लिए याचिका दायर की थी, जिस पर अदालत सुनवाई कर रही है।  

29 नवंबर को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने चारों दोषियों की अदालत के समक्ष पेशी के लिए वारंट जारी किया था। अदालत ने कहा था कि 13 दिसंबर को दोषियों को अदालत के समक्ष पेश किया जाए और यह सूचना भी दी जाए कि उनकी दया और उपचारात्मक याचिका को लेकर क्या हुआ। 

निर्भया की माता-पिता की वकील सीमा कुशवाहा ने अदालत से बिना देरी किए दोषियों की फांसी के लिए डेथ वारंट की मांग की थी।

बता दें कि चारों दोषियों में से एक अक्षय कुमार सिंह ने सजा-ए-मौत के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। सर्वोच्च न्यायालय इस पुनर्विचार याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा। दोषी के वकील ने पुनर्विचार याचिका दायर करने के लिए दिल्ली के प्रदूषण का भी हवाला दिया है। वकील ने कहा कि दिल्ली के प्रदूषण की वजह से दोषियों की जिंदगी कम हो रही है।

शीर्ष अदालत में तीन न्यायमूर्तियों की पीठ पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करेगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष 9 जुलाई को बाकी तीन दोषियों द्वारा दायर की गई पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी। 

मामले में चार दोषियों- अक्षय, मुकेश, पवन और विनय को 2017 में मौत की सजा सुनाई गई थी। 

बता दें कि 16 दिसंबर 2012 तो दिल्ली के बसंत विहार इलाके में मेडिकल की एक छात्रा के साथ चलती बस में सामूहिक बलात्कर के बाद उसके साथ बर्बरता की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। 

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