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राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरोः पिछले साल सड़क हादसों में 1.54 लाख से अधिक लोगों की मौत

By भाषा | Updated: September 1, 2020 21:39 IST

59.6 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं ''तेज गति'' से वाहन चलाने के कारण हुईं, जिसमें 86,241 लोगों की मौत हुई और 2,71,581 घायल हुए। वर्ष 2018 में 1,52,780 जबकि वर्ष 2017 में 1,50,093 लोगों की सड़क हादसों में जान गई थी।

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ठळक मुद्देमौतों की कुल संख्या 4,21,959 रही, जिसमें सड़क हादसा, प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय लापरवाही के चलते मौत होना शामिल है।ट्रक अथवा लॉरी, कार और बसों से संबंधित मामले क्रमश: 14.6 फीसदी, 13.7 फीसदी और 5.9 फीसदी रहे।ओवरटेक करने से संबंधित मामले 25.7 फीसदी रहे, जिनके चलते 42,557 लोगों की मौत हुई और 1,06,555 लोग घायल हुए।

नई दिल्लीः देश में वर्ष 2019 में 4,37,396 सड़क दुघर्टनाएं हुईं, जिनमें 1,54,732 लोगों की मौत हुई जबकि 4,39,262 अन्य घायल हुए।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों से यह जानकारी सामने आयी है। इसके मुताबिक, 59.6 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं ''तेज गति'' से वाहन चलाने के कारण हुईं, जिसमें 86,241 लोगों की मौत हुई और 2,71,581 घायल हुए। वर्ष 2018 में 1,52,780 जबकि वर्ष 2017 में 1,50,093 लोगों की सड़क हादसों में जान गई थी।

एनसीआरबी के आंकड़े के मुताबिक, वर्ष 2019 में दुर्घटनावश हुई मौतों की कुल संख्या 4,21,959 रही, जिसमें सड़क हादसा, प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय लापरवाही के चलते मौत होना शामिल है। इसी तरह, वर्ष 2018 में दुर्घटनावश कारणों से 4,11,104 की जबकि वर्ष 2017 में 3,96,584 लोगों की जान गई। आंकड़ों के मुताबिक, सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 38 फीसदी मामले दो पहिया चालकों से संबंधित रहे जबकि ट्रक अथवा लॉरी, कार और बसों से संबंधित मामले क्रमश: 14.6 फीसदी, 13.7 फीसदी और 5.9 फीसदी रहे।

एनसीआरबी के मुताबिक, खतरनाक अथवा लापरवाही से वाहन चलाने अथवा ओवरटेक करने से संबंधित मामले 25.7 फीसदी रहे, जिनके चलते 42,557 लोगों की मौत हुई और 1,06,555 लोग घायल हुए। इसके मुताबिक, केवल 2.6 फीसदी सड़क हादसों की वजह मौसम की खराब स्थिति रही।

आंकड़ों के मुताबिक, 59.5 फीसदी सड़क हादसे ग्रामीण इलाकों में सामने आए जबकि 40.5 फीसदी दुर्घटनाएं शहरी क्षेत्रों में हुईं। एनसीआरबी के वार्षिक आंकड़े के मुताबिक, वर्ष 2019 में कुल 27,987 रेल संबंधी दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 3,569 लोगों की मौत हुई और 24,619 घायल हुए।

इसी तरह, पिछले साल रेलवे क्रॉसिंग के 1,788 हादसे दर्ज किए गए, जिसके चलते 1,762 लोगों की मौत हुई और 165 लोग घायल हुए। आंकड़े के मुताबिक, इस तरह के सबसे अधिक हादसे (1,788 में से 851) उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए। 

टॅग्स :सड़क दुर्घटनाक्राइम न्यूज हिंदीदिल्लीनितिन गडकरी
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