पटनाः बिहार के बेगूसराय जिले में हुए एक सनसनीखेज हत्या मामले में मंझौल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा दी है। यह घटना 7 जनवरी 2024 की है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी थी। मंझौल के एडीजे संजय कुमार सिंह की अदालत ने रानी कुमारी उर्फ रानी राज और उसके प्रेमी मो. शहजाद को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 (साझा मंशा से हत्या) और 302/120 (बी) (साजिश के तहत हत्या) के तहत दोषी ठहराया। इसके साथ ही दोनों को आजीवन कारावास के साथ 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
यदि जुर्माना नहीं दिया जाता है तो एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार हत्या खोदाबंदपुर थाना क्षेत्र के फफौत गांव में हुई थी। मृतक महेश्वर राय (25) समस्तीपुर जिले के नरहन गांव का निवासी था। उसकी शादी साल 2017 में रानी कुमारी से हुई थी और दोनों का एक बेटा भी है।
मृतक के पिता राम प्रवेश राय के अनुसार, शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। रानी अपने ससुराल में रहना नहीं चाहती थी और अक्सर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती थी। वीडियो बनाने और पोस्ट करने को लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़े होते रहते थे। इसके अलावा, रानी के किसी अन्य युवक के साथ संबंध होने की बात भी सामने आई थी, जिससे विवाद और बढ़ गया था।
7 जनवरी की रात, महेश्वर अपनी पत्नी के बुलावे पर ससुराल गया था। बताया जाता है कि वह 10 जनवरी को मजदूरी के लिए कोलकाता लौटने वाला था। रात में खाना खाने के बाद जब वह सो गया, तभी रानी ने अपने प्रेमी को बुलाया और दोनों ने मिलकर दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। घटना के करीब आधे घंटे बाद महेश्वर के भाई ने फोन किया, जिसे किसी और ने उठाया।
फोन पर हंगामे की आवाज सुनकर उसे शक हुआ और उसने अपने पिता को तुरंत ससुराल जाने को कहा। जब परिजन वहां पहुंचे, तो घर के लोग फरार थे और महेश्वर की लाश बाहर पड़ी मिली। कुछ लोगों ने शव को अस्पताल ले जाने की बात कही, लेकिन परिजनों को शक हुआ कि वे सबूत मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस जांच में साफ हुआ कि हत्या की साजिश पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर रची थी। शुरुआत में मृतक के पिता ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिसमें रानी की मां और बहनों के नाम भी शामिल थे। हालांकि, जांच में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस ने सिर्फ रानी और उसके प्रेमी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 7 गवाह पेश किए गए, जिनमें सूचक (शिकायतकर्ता), डॉक्टर और जांच अधिकारी शामिल थे।
सभी गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ बयान दिया। इसके आधार पर कोर्ट ने 25 मार्च को दोनों को दोषी करार दिया और अब सजा सुनाई गई। मृतक के पिता राम प्रवेश राय ने कोर्ट के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या की साजिश रचने वालों को सजा मिलना जरूरी था, और अदालत के फैसले से उन्हें इंसाफ मिला है।