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बहराइचः जिला पंचायत सदस्य और माफिया देवेंद्र सिंह की 110 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क, एक लाख का इनाम घोषित था, जानें पूरा मामला

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: July 24, 2022 19:33 IST

जिलाधिकारी दिनेश चंद्र सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी ने प्रशासनिक लाव लश्कर सहित बड़ी संख्या में पुलिस तथा पीएसी जवानों की मौजूदगी में शहर के पॉश इलाके डिगिहा स्थित करीब 85 करोड़ कीमत के होटल व रिजार्ट तथा 25 करोड़ के वीरसेन सिन्हा मार्केटिंग काम्प्लेक्स पर कुर्की की कार्रवाई की।

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ठळक मुद्देदेवेंद्र सिंह उर्फ राजेश सिंह उर्फ गब्बर सिंह के खिलाफ करीब 50 आपराधिक मामले दर्ज हैं।पुलिस की सार्वजनिक व खुफिया रिपोर्ट के अनुसार सिंह के गिरोह के अपराधिक क्रियाकलाप अभी बंद नहीं हुए हैं। गब्बर पर एक लाख और मनीष जायसवाल के खिलाफ 25 हजार का इनाम घोषित था।

बहराइचः उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के पयागपुर से जिला पंचायत सदस्य तथा जेल में निरुद्ध माफिया देवेंद्र सिंह उर्फ गब्बर सिंह द्वारा कथित तौर पर अवैध रूप से अर्जित करीब 110 करोड़ रुपये की संपत्ति रविवार को जिला प्रशासन ने कुर्क कर ली। जिले के एक शीर्ष अधिकरी ने इसकी जानकरी दी।

जिलाधिकारी दिनेश चंद्र सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी ने प्रशासनिक लाव लश्कर सहित बड़ी संख्या में पुलिस तथा पीएसी जवानों की मौजूदगी में शहर के पॉश इलाके डिगिहा स्थित करीब 85 करोड़ कीमत के होटल व रिजार्ट तथा 25 करोड़ के वीरसेन सिन्हा मार्केटिंग काम्प्लेक्स पर कुर्की की कार्रवाई की।

जिलाधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि पयागपुर निवासी जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह उर्फ राजेश सिंह उर्फ गब्बर सिंह के खिलाफ बहराइच व अन्य जनपदों में करीब 50 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस की सार्वजनिक व खुफिया रिपोर्ट के अनुसार सिंह के गिरोह के अपराधिक क्रियाकलाप अभी बंद नहीं हुए हैं।

इसी वजह से गब्बर सिंह व उसके साथी मनीष जायसवाल के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गयी थी। गब्बर पर एक लाख और मनीष जायसवाल के खिलाफ 25 हजार का इनाम घोषित था, हाल ही में इन दोनों की गिरफ्तारी हुई थी। उन्होंने बताया कि होटल और रिजार्ट में मौजूद कर्मचारियों तथा उसमें ठहरे लोगों को पूरा समय देते हुए परिसर खाली कराया गया है।

दोनों सम्पत्तियों की निगरानी का जिम्मा नगर मजिस्ट्रेट ज्योति राय को दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति के उद्देश्य से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि उसी नीति के अनुपालन में यह कार्यवाही हुई है। उन्होंने बताया कि अपराधिक क्रियाकलापों से अर्जित गब्बर व उसके गैंग के सदस्यों की अन्य सम्पत्तियों की भी तलाश की जा रही है। 

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