इंग्लैंड के महान कप्तान माइक ब्रेयरली का बयान, 'कोहली को कप्तान के रूप में तानाशाह बनने से बचना होगा'

Mike Brearley: इंग्लैंड के महान कप्तान रहे माइक ब्रेयरली ने कहा है कि ज्यादा अधिकार से कोहली के तानाशाह बनने का खतरा रहेगा

By अभिषेक पाण्डेय | Published: September 08, 2018 12:59 PM

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लंदन, 08 सितंबर: माइक ब्रेयरली को क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन कप्तानों में से एक में शुमार किया जाता है। ब्रेयरली ने अपने करियर के कुल 39 टेस्ट मैचों में से 31 में इंग्लैंड की कप्तानी की और इनमें से 17 में उन्हें जीत हासिल हुई जबकि सिर्फ चार मैच वह हारे। इयान बॉथम से कप्तानी हासिल करने के बाद उन्होंने मुश्किल दौर से गुजर रही इंग्लैंड टीम को उसके सबसे सुनहरे दौर में से एक में पहुंचाया। 

ब्रेयरली ने अब टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के बारे में कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि कोहली ज्यादा तानाशाह नहीं बनेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में ब्रेयरली ने बताया कि एक अच्छा कप्तान बनने के लिए क्या जरूरी है और कोहली को एक सफल कप्तान बनने के लिए क्या करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए।

कोहली के बारे में पूछे जाने पर ब्रेयरली ने कहा, 'मुझे उन्हें खेलते देखना पसंद है। वह बहुत बुद्धिमान कप्तान हैं और मैदान पर उनकी उपस्थिति जबर्दस्त है। लेकिन उनके पास इतना जलवा, स्पष्टता और अधिकार है कि उनके तानाशाह बन जाने का खतरा है।'

ब्रेयरली ने कहा, 'उनके (कोहली) पास लोगों को ये बताने की क्षमता है क्या करना है। लेकिन जब आप ज्यादा अधिकारवादी हो जाते हैं तो आप दूसरों के दृष्टिकोण के प्रति खुले नहीं रह जाते हैं। बहुत ज्यादा प्रभावित होने का मतलब ये भी होता है कि लोग आपको सलाह देने से डरते हैं और तब आप एकजुट नहीं हो पाते हैं। आपकी टीम में 11 कप्तान होने चाहिए, जिसका आपको प्रमुख होना चाहिए।'

ब्रेयरली ने कहा, 'मैं कहना चाहूंगा कि जिस तरह से कोहली ने अधिकार जताया है जो रूट वैसे कुछ अधिकार जताकर बेहतर प्रदर्शन करेंगे। वह अपनी टीम से ये स्पष्ट रूप से बताने पर बेहतर करेंगे कि वह उनसे क्या चाहते हैं। मुझ नहीं लगता कि उन्होंने इसमें अभी पर्याप्त किया है।' 

ये पूछे जाने पर कि उनकी नजर में सर्वश्रेष्ठ कप्तान कौन है, ब्रेयरली ने कहा, 'मैंने उन्हें लगातार पर्याप्त रूप से नहीं देखा। मेरे ख्याल से एमएस धोनी एक महान वनडे कप्तान थे लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह अच्छे टेस्ट कप्तान थे। वह अपनी रणनीति के साथ बहुत लचीले नहीं थे और मुझे नहीं लगता कि पांच दिन के फॉर्मेट से लंबे समय तक जुड़े रहे। लेकिन वनडे में वह बहुत अच्छे थे और उन्होंने खुद से चीजें कीं और जिम्मेदारी भी ली।'

टॅग्स :विराट कोहलीभारत vs इंग्लैंडजो रूट

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