Dattajirao Gaekwad: नहीं रहे दत्ताजीराव गायकवाड़, 95 वर्ष की आयु में निधन, सोशल मीडिया पर फैंस और क्रिकेटर ने शोक व्यक्त किया

Dattajirao Gaekwad Death: दत्ताजीराव कृष्णराव गायकवाड़ ने 1952 में इंग्लैंड दौरे के दौरान भारत के लिए पदार्पण किया और देश के लिए 10 और टेस्ट खेले।

By सतीश कुमार सिंह | Published: February 13, 2024 12:24 PM2024-02-13T12:24:12+5:302024-02-13T12:47:53+5:30

Dattajirao Gaekwad India’s longest-living Test cricketer and former captain Dattajirao Krishnarao Gaekwad passed away in Baroda He was 95 Irfan Pathan mourns demise | Dattajirao Gaekwad: नहीं रहे दत्ताजीराव गायकवाड़, 95 वर्ष की आयु में निधन, सोशल मीडिया पर फैंस और क्रिकेटर ने शोक व्यक्त किया

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Highlights1961 में चेन्नई में पाकिस्तान के खिलाफ अंतिम मैच खेली थी। देश के लिए 10 और टेस्ट खेले।बड़ौदा में निधन हो गया।

Dattajirao Gaekwad Death: भारतीय क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। भारत के सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले टेस्ट क्रिकेटर और पूर्व कप्तान दत्ताजीराव कृष्णराव गायकवाड़ का मंगलवार को बड़ौदा में उनके आवास पर निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। गायकवाड़ ने 1952 में इंग्लैंड दौरे के दौरान भारत के लिए पदार्पण किया और देश के लिए 10 और टेस्ट खेले। 1961 में चेन्नई में पाकिस्तान के खिलाफ अंतिम मैच खेली थी। 1959 में इंग्लैंड दौरे के दौरान राष्ट्रीय टीम के कप्तान बने।उन्होंने दौरे पर 1100 से अधिक रन बनाए। हालांकि टीम को 5-0 से हार का सामना करना पड़ा। दत्ताजीराव ने भारत के लिए 11 टेस्ट खेले और 4 में कप्तानी की। टेस्ट करियर 9 साल तक चला। जून 1952 में इंग्लैंड में पदार्पण किया था।

गायकवाड़ ने घरेलू क्रिकेट में खूब रन बनाए। 1957-58 सीज़न के दौरान लगभग एक दशक में बड़ौदा को अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाया। फाइनल में सर्विसेज के खिलाफ पारी की जीत में गायकवाड़ ने शतक (132) लगाया। कुल मिलाकर उन्होंने 110 प्रथम श्रेणी खेलों में 17 शतकों और 249* के करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ 5788 रन बनाए। भारत के पूर्व क्रिकेटर अंशुमन गायकवाड़ के पिता हैं, जिन्होंने दो कार्यकालों में राष्ट्रीय टीम को कोचिंग भी दी थी।

भारत के पूर्व खिलाड़ी इरफान पठान ने नमन किया। मोतीबाग क्रिकेट मैदान में बरगद के पेड़ की छाया के नीचे, अपनी नीली मारुति कार से, भारतीय कप्तान डीके गायकवाड़ सर ने अथक परिश्रम से बड़ौदा क्रिकेट के लिए युवा प्रतिभाओं की खोज की और हमारी टीम के भविष्य को आकार दिया। उनकी कमी गहराई से महसूस की जायेगी। क्रिकेट समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति।

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