कोलकाताः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा का 'संकल्प पत्र' जारी किया। शाह ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि में हम राज्य की तरफ से अतिरिक्त 3,000 रुपये जोड़ेंगे और किसानों को सालाना 9,000 रुपये की वित्तीय सहायता देंगे। मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग और गरीब वर्गों की महिलाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है। जब तक इस अंतर को पाटा नहीं जाता, भाजपा प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच प्रत्येक महिला के बैंक खाते में ₹3000 हस्तांतरित करेगी। जो युवा हाल ही में ग्रैजुएट हुए हैं, उन्हें 3,000 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाएगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 15,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। पेपर लीक और भ्रष्टाचार के कारण जो युवा योग्यता की आयु सीमा गंवा चुके हैं, उन्हें पांच साल की आयु सीमा में छूट दी जाएगी, ताकि वे अपना भविष्य तराश सकें। 2015 से भर्ती न हुए युवाओं को पर्याप्त अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।
सभी सरकारी कर्मचारियों और वेतनभोगियों के लिए डीए सुनिश्चित किया जाएगा और 45 दिनों के भीतर ही सातवें वेतन आयोग को लागू कर सभी कर्मचारियों का सम्मान नई बनने वाली भाजपा सरकार करेगी।आयुष्मान भारत समेत, भारत सरकार की सभी योजनाओं को हम कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के साथ लागू करेंगे और पूरे देश की तरह पीएम मोदी के गरीब कल्याण के यज्ञ को हम बंगाल में भी शुरू करेंगे।
भाजपा शासित कई राज्यों में यूसीसी (Uniform Civil Code) लागू किया गया है, हम 6 माह के अंदर ही बंगाल में यूसीसी लागू करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "भाजपा-शासित कई राज्यों ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी है। 6 महीने के भीतर, हम बंगाल में भी UCC लागू करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि पूरे राज्य में सभी नागरिकों पर कानूनों का एक ही, समान सेट लागू हो।
हम न केवल घुसपैठियों के लिए बंगाल की सीमाओं को सील करेंगे बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगे कि बंगाल के रास्ते भारत से एक भी गाय की तस्करी न हो। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "बंगाल की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हम एक वंदे मातरम संग्रहालय की कल्पना लेकर आए हैं।
इसके माध्यम से पूरे विश्व में बंगाल के कल्चर को प्रसिद्धि मिलेगी... हम घुसपैठ पर निर्णायक प्रहार करेंगे... हमने तय किया है कि 45 दिन में ही भारत सरकार के गृह मंत्रालय को जितनी भूमि उपलब्ध करानी है, वह बंगाल सरकार द्वारा कराई जाएगी..."