लखनऊः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना की शुरुआत की, जिसका मकसद राज्य के ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) कार्यक्रम की तर्ज पर हर जिले की खाने-पीने की पारंपरिक चीजों को एक अलग पहचान देना है। लखनऊ के नवनिर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ''आज यहां पर व्यंजन मेला लगा है। मैं 2017 (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव) को याद करना चाहता हूं। तब हम लोग दिल्ली में घोषणापत्र बना रहे थे और ''एक जिला-एक उत्पाद'' योजना को घोषणापत्र में शामिल किया गया था।
उस समय हमारे साथी सवाल उठाते थे कि क्या उत्तर प्रदेश में ऐसा हो पाएगा।'' गृह मंत्री ने कहा, ''लेकिन हमारी डबल इंजन सरकार का चमत्कार देखिए, 'एक जिला-एक उत्पाद’ योजना केवल उत्तर प्रदेश में ही नहीं, पूरे देश में फैली हुई है।'' उन्होंने कहा, ''यह हमारे कई कारीगरों, युवाओं, महिलाओं, माताओं के लिए रोजगार का साधन बनी है।
आज यहां हर जिले का एक व्यंजन तय करके व्यंजन मेला भी लगाया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य का विश्व प्रसिद्ध स्वादिष्ट व्यंजन एक बार फिर से दुनिया को परोसने का कार्य किया है।” ओडीओपी योजना ने उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रीय उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद की है।
एक अधिकारी ने बताया कि ओडीओसी योजना का मकसद इसी तरह जिले के व्यंजनों और पारंपरिक ‘रेसिपी’ को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस पहल से हलवाई, खाद्य सामग्री बेचने वालों और स्थानीय निवासियों को फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि इससे उनके खास व्यंजन बड़े और यहां तक कि वैश्विक बाजारों तक पहुंचेंगे।
साथ ही जमीनी स्तर पर स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित होंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।