लखनऊः उत्तर प्रदेश में केंद्र और राज्य की योजनाओं के व्यापक विस्तार के बाद भी प्रदेश में लाखों गरीब परिवार ऐसे हैं जिन्हे अभी तक सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका. सरकारी योजनाओं के नियमों और शर्तों की जकड़न के चलते ही यह गरीब परिवार सरकार की किसी भी योजना के लाभार्थी नहीं बन सके सके. जबकि योगी सरकार 2 अक्टूबर 2024 से जीरो पावर्टी अभियान चलाकर इन गरीब परिवारों को सरकार की योजना का लाभ मुहैया कराने का प्रयास कर रही है.
इसके बाद भी अभी तक छह लाख गरीब परिवारों को मेडिकल कवर और 2 लाख गरीब परिवारों को पक्की छह यानी घर नहीं मुहैया कराया जा सका है. ऐसे में अब सरकार ने विधानसभा चुनावों के पहले इन गरीब परिवारों को घर और मेडिकल कवर मुहैया कराने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस मामले में पहले करते हुए निर्देश दिए हैं.
लाभ पाने से वंचित परिवार
मुख्यमंत्री कार्यालय के अफसरों के अनुसार, प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाने के लिए 2 अक्टूबर 2024 को मुख्यमंत्री योगी ने जीरो पावर्टी अभियान शुरू किया था. इस अभियान के तहत हर ग्राम पंचायत में उन गरीब परिवारों की पहचान करनी थी, जिन्हे किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला था. इसके तहत राज्य में 12.36 लाख गरीब परिवार चिन्हित किए गए.
दो चरणों में प्रमुख सरकारी योजनाओं में इन परिवारों की भागीदारी, पात्रता और वंचित रहने की वजहों का सर्वे कर उन्हे योजनाओं का लाभ मुहैया कराना तय किया गया. अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण में सरकार की आठ फ्लैगशिप योजनाओं में इन परिवारों के भागीदारी का सर्वे हुआ, जिसके आधार पर इन वंचित परिवारों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई.
इसमें सबसे अहम परिवारों के इलाज और घर की चिंता थी. सर्वे में पाया गया कि 12.36 लाख गरीब परिवारों में 2.19 लाख परिवार ऐसे हैं जिनके पास आंशिक पक्का मकान था. हालांकि इन आवासों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था, मतलब इसमें खाना बनाने और शौचालय नहीं था.
अधिकारियों का कहना है कि पीएम आवास योजना के तहत अगर आवास का कोई हिस्सा पक्का है तो फिर उसका लाभ नहीं मिल सकता. इस कारण इन 2.19 लाख गरीब परिवारों को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला और अब इनको सीएम आवास योजना के तहत घर मुहैया कराने के निर्देश सीएम ने दिए हैं.
इसी प्रकार सर्वे में पाया गया कि 12.36 लाख गरीब परिवार में 6.68 लाख गरीब परिवार ऐसे हैं जो नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के डेटाबेस हिस्सा ही नहीं हैं. जिसके चलते यह परिवार आयुष्मान योजना के कार्ड के तहत पांच लाख सालाना मेडिकल कवर योजना में शामिल नहीं किए गए. अब इन गरीब परिवारों को भी सीएम जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाएगा.
सीएम ने धनराशि देने के निर्देश दिए
अधिकारियों के अनुसार, आवास योजना से वंचित रहे 2.19 लाख गरीब परिवारों को आवास और 6.68 लाख गरीब परिवारों को मेडिकल कवर मुहैया कराने कराने के लिए धन मुहैया कराने संबंधी के प्रस्ताव शासन को भेजा गया है. इस प्रस्ताव में वंचित रह गए परिवाओं को घर और मेडिकल कवर मुहैया कराने के लिए करीब 2800 करोड़ रुपए की जरूरत बताई गई है। बताया जा रहा है कि उक्त धनराशि मुहैया करने के लिए मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए हैं.