लाइव न्यूज़ :

घट रही है सरकारी साधारण बीमा कंपनियों की वाहन बीमा श्रेणी में हिस्सेदारी

By भाषा | Updated: October 15, 2021 19:36 IST

Open in App

मुंबई 15 अक्टूबर वाहन बीमा श्रेणी में सुधार के बावजूद सार्वजानिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियाों की निजी कंपनियों के मुकाबले बाजार हिस्सेदारी इस साल अगस्त में घटकर 32.6 प्रतिशत रह गई। इससे पिछले वर्ष के इसी महीने में यह 36.6 प्रतिशत थी।

केयर रेटिंग्स के मासिक आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि निजी कंपनियों की मोटर बीमा श्रेणी में हिस्सेदारी अगस्त में बढ़कर 67.4 प्रतिशत हो गई, जो इससे पिछले वर्ष के इसी महीने में 63.4 प्रतिशत थी।

सार्वजानिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों की हिस्सेदारी में वित्त वर्ष 2017-18 से ही गिरावट जारी है। तब सरकारी कंपनियों की इस श्रेणी में हिस्सेदारी 46.5 प्रतिशत और निजी कंपनियों की हिस्सेदारी 53.5 प्रतिशत थी।

रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 में सरकारी साधारण बीमा कंपनियों की इस श्रेणी में हिस्सेदारी घटकर 40.7 प्रतिशत जबकि निजी कंपनियों का हिस्सा बढ़कर 59.3 प्रतिशत हो गया था।

वही वित्त वर्ष में 2019-20 सरकारी कंपनियों का बाजार में हिस्सा लगातार घटते हुए 36.8 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2020-21 में 34.2 प्रतिशत रह गया।

इसी तरह वित्त वर्ष 2017-18 में सार्वजानिक क्षेत्र की कंपनियों की मोटर ओडी (स्वयं की क्षति) बाजार में 37.5 प्रतिशत और निजी कंपनियों की 62.5 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो वित्त वर्ष 2018-19 में क्रमश : 32.5 और 67.5 प्रतिशत हो गई। वही वित्त वर्ष 2019-20 में सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी घटकर 28.3 प्रतिशत और निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़कर 71.7 प्रतिशत हो गई।

रिपोर्ट के अनुसार तृतीय पक्ष बीमा (टीपी) में सार्वजानिक क्षेत्र की कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2017-18 में 52.7 प्रतिशत थी और यह निजी कंपनियों से अधिक थी। लेकिन इसमें भी गिरावट जारी है। वित्त वर्ष 2018-19 में घटकर 46.5 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2019-20 में घटते हुए 42.2 प्रतिशत रह गई।

वहीं निजी कंपनियों की हिस्सेदारी 2018-19 में बढ़कर 53.5 प्रतिशत और 2019-20 में 57.8 प्रतिशत हो गयी।

वित्त वर्ष 2020-21 में सार्वजनिक कंपनियों की हिस्सेदारी 39.7 प्रतिशत और निजी कंपनियों की हिस्सेदारी 60.3 प्रतिशत थी। इस साल अगस्त में सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों की हिस्सेदारी घटकर 38.3 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी महीने में 42.3 प्रतिशत थी। दूसरी तरफ निजी कंपनियों की हिस्सेदारी इस दौरान क्रमश: 61.7 प्रतिशत और 57.7 प्रतिशत रही।

उद्योग के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2019 तक देश में 23.12 करोड़ से अधिक वाहन सड़कों पर चल रहे थे, जिनमें से 57 प्रतिशत वाहनों का बीमा नहीं था। इसमें से सबसे अधिक 60 प्रतिशत दोपहिया वाहनों तथा दस प्रतिशत कारों का बीमा नहीं था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

विश्वआज रात एक पूरी सभ्यता का अंत होगा?, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ पर पोस्ट किया, फिर कभी जीवित नहीं?

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

ज़रा हटकेVIDEO: ऋषिकेश में गंगा पर उतरा सी-प्लेन, टूरिज्म को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट, देखें वीडियो

कारोबार16,720 करोड़ रुपये, पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़, छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकों के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति?

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार8th Pay Commission: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बढ़ोतरी तुरंत नहीं, अभी लगेगा समय

कारोबार143000 शिक्षामित्रों को 18000 और 24000 अनुदेशकों को मिलेंगे 17000 रुपये?, योगी सरकार पर 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार, छात्र-छात्राओं को 25 लाख टैबलेट

कारोबारGold Rate Today: 7 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

कारोबारचिंताजनक स्थितिः 59 सालों में जम्मू कश्मीर की 315 झीलें गायब, 203 का क्षेत्रफल कम?, आखिर क्या है माजरा?

कारोबारमार्च बनाम अप्रैल के वेतन में टैक्स गणना के बदले नियम, क्या आपकी सैलरी पर पड़ेगा असर? जानें