लाइव न्यूज़ :

सेबी ने ईएसजी वाली एमएफ योजनाओं के मानदंडों पर टिप्पणियां देने की समयसीमा बढ़ाई

By भाषा | Updated: November 16, 2021 19:27 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 16 नवंबर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मंगलवार को ईएसजी (पर्यावरण, संवहनीय एवं प्रशासन) विषय वाली म्यूचुअल फंड योजनाओं के लिए प्रस्तावित खुलासा मानदंडों पर टिप्पणी देने की समयसीमा एक दिसंबर तक बढ़ा दी है।

प्रस्तावित उपायों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ईएसजी-केंद्रित म्यूचुअल फंड योजनाएं अपनी विषय-वस्तु के अनुरूप रहें।

बाजार नियामक ने 26 अक्टूबर को ईएसजी म्यूचुअल फंड योजनाओं के लिए प्रकटीकरण मानदंड तैयार करने के संबंध में परामर्श पत्र जारी किया था और 16 नवंबर तक इस पर टिप्पणियां मांगी थीं।

सेबी ने मंगलवार को एक नोटिस में कहा, ‘‘टिप्पणियों को जमा करने की समयसीमा एक दिसंबर, 2021 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

अन्य खेल'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

विश्वआज रात एक पूरी सभ्यता का अंत होगा?, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ पर पोस्ट किया, फिर कभी जीवित नहीं?

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार16,720 करोड़ रुपये, पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़, छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकों के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति?

कारोबार8th Pay Commission: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बढ़ोतरी तुरंत नहीं, अभी लगेगा समय

कारोबार143000 शिक्षामित्रों को 18000 और 24000 अनुदेशकों को मिलेंगे 17000 रुपये?, योगी सरकार पर 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार, छात्र-छात्राओं को 25 लाख टैबलेट

कारोबारGold Rate Today: 7 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

कारोबारचिंताजनक स्थितिः 59 सालों में जम्मू कश्मीर की 315 झीलें गायब, 203 का क्षेत्रफल कम?, आखिर क्या है माजरा?