Reliance AGM 2023: रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. (आरआईएल) कृषि अपशिष्ट को गैस में बदलने के लिए अगले पांच साल में 100 सीबीजी (कंप्रेस्ड बायोगैस) संयंत्र स्थापित करेगी। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सोमवार को यह घोषणा की।
कंपनी की सालाना आम बैठक को संबोधित करते हुए अंबानी ने कहा कि जामनगर में दो ‘डेमो’ इकाइयां स्थापित करने के बाद रिलायंस ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पहला वाणिज्यिक स्तर का सीबीजी संयंत्र रिकॉर्ड 10 माह में चालू कर दिया है। अंबानी ने कहा, ‘‘हम देश भर में इस संख्या को तेजी से बढ़ाकर 25 करेंगे। हमारा लक्ष्य अगले पांच साल में 100 सीबीजी संयंत्र स्थापित करने का है।
इन संयंत्रों में 55 लाख टन कृषि अवशिष्ट और जैविक कचरे की खपत होगी और इससे कॉर्बन उत्सर्जन में करीब 20 लाख टन की कमी लाई जा सकेगी। इनके जरिये सालाना 25 लाख टन जैविक खाद का उत्पादन होगा।’’ अंबानी ने कहा कि इन संयंत्रों की स्थापना से सालाना 70 लाख टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात में कमी लाई जा सकेगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सोमवार को कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स विभिन्न क्षेत्रों में भारत-केंद्रित कृत्रिम मेधा (एआई) मॉडल और एआई-संचालित समाधानों के विकास प्रयासों का नेतृत्व करना चाहती है ताकि देश के नागरिक, कारोबार और सरकार नए दौर की इस प्रौद्योगिकी से लाभान्वित हो सकें।
अंबानी ने आरआईएल के शेयरधारकों की सालाना आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स ‘हर किसी को, हर जगह एआई’ का वादा करती है। उन्होंने कृत्रिम मेधा (एआई) को जियो के विकास का सबसे रोमांचक मोर्चा बताते हुए इससे संबंधित महत्वाकांक्षी योजनाओं की रूपरेखा पेश की।
अंबानी ने टिकाऊ तौर-तरीकों और हरित भविष्य की दिशा में बढ़ने का जिक्र करते हुए क्लाउड और एज दोनों स्थानों पर 2,000 मेगावाट तक एआई-सक्षम कंप्यूटिंग क्षमता स्थापित करने कंपनी की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर एआई क्रांति पूरी दुनिया को नया आकार दे रही है और इसका समझदार इस्तेमाल उद्योगों, अर्थव्यवस्थाओं और रोजमर्रा की जिंदगी को भी नए सिरे से परिभाषित और क्रांतिकारी बदलाव लाने का काम करेगा। अंबानी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए भारत को नवाचार, वृद्धि और राष्ट्रीय समृद्धि के लिए एआई का इस्तेमाल करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘अपने देशवासियों से यह मेरा वादा है। सात साल पहले जियो ने हर किसी को हर जगह ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देने का वादा किया था। हमने इस वादे को पूरा किया है। आज जियो हर किसी को हर जगह एआई का वादा करती है। और हम इसे पूरा करेंगे।’’
रिलायंस समूह के भीतर भी एआई में नवीनतम वैश्विक नवाचारों, खासकर जेनरेटिव एआई में हालिया प्रगति को तेजी से आत्मसात करने के लिए प्रतिभाओं और क्षमताओं को बढ़ाया जा रहा है। रिलायंस चेयरमैन ने कहा, ‘‘जियो प्लेटफार्म्स भारत-केंद्रित एआई मॉडल और डोमेन में एआई-संचालित समाधानों के विकास की कोशिश का नेतृत्व करना चाहता है जिससे भारतीय नागरिकों, व्यवसायों और सरकार को समान रूप से एआई प्रौद्योगिकी का लाभ मिल सके।’’ अंबानी ने कहा कि इसके लिए भारत के पास बड़ी प्रतिभा, डेटा और पैमाना मौजूद है।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमें भारत में डिजिटल बुनियादी ढांचे की भी जरूरत है जो एआई की व्यापक मांगों को संभाल सके।.. उन्होंने कहा कि रिलायंस की अगले पांच वर्षों में कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं में अपने अधिकांश ऊर्जा उपभोग को हरित ऊर्जा में बदलने की योजना है जो पर्यावरण-अनुकूल होने के साथ कम लागत वाली भी है।
जियो 5जी दिसंबर तक पूरे देश में, ‘गणेश चतुर्थी’ पर ‘जियो एयर फाइबर’ पेश करेंगे : मुकेश अंबानी
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सोमवार को कहा कि रिलायंस जियो की 5जी सेवाओं ने दुनिया में सबसे तेज शुरुआत की है और कंपनी इस साल दिसंबर तक इसे पूरे देश में पहुंचाने के लिए सही राह पर है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक मंडल की 46वीं आमसभा (एजीएम) में अंबानी ने कहा कि जियो की 5जी सेवाएं इस साल दिसंबर तक पूरे देश में उपलब्ध होंगी।
देश में पांच करोड़ से अधिक लोग जियो के 5जी नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस तरह 5जी के मामले में जियो अपनी अन्य प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से आगे है। इस मौके पर उन्होंने ‘जियो एयर फाइबर’ को 19 सितंबर यानी ‘गणेश चतुर्थी’ के दिन पेश करने की घोषणा भी की। अंबानी ने कहा, ‘‘ एक करोड़ से अधिक परिसर हमारी ऑप्टिकल फाइबर सेवा जियो फाइबर से जुड़े हैं।
अब भी लाखों परिसर ऐसे हैं जहां वायर कनेक्टिविटी देना मुश्किलों भरा है। जियो एयर फाइबर इस मुश्किल को आसान करेगी। इसके जरिये हम 20 करोड़ घरों और परिसरों तक पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं। जियो एयर फाइबर के आने से हर दिन जियो 1.5 लाख नए ग्राहक जोड़ पाएगी।’’ जियो का ऑप्टिकल फाइबर ढांचा पूरे भारत में 15 लाख किलोमीटर तक फैला हुआ है।
ऑप्टिकल फाइबर पर ग्राहक औसतन प्रति माह 280 जीबी से अधिक डेटा का उपयोग करते हैं, जो जियो की प्रति व्यक्ति मोबाइल डेटा खपत से 10 गुना अधिक है। आम सभा में ‘जियो ट्रू 5जी डेवलपर प्लेटफॉर्म’ और ‘जियो ट्रू 5जी लैब’ को जारी करने की घोषणा भी की गई।
अंबानी ने कहा, ‘‘ हम एक ऐसा मंच बना रहे हैं जो भारतीय उद्यमों, छोटे व्यवसायों और प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के डिजिटल दुनिया के साथ मेलजोल के तरीकों को बदल देगा। उद्यमों की जरूरतों को ध्यान में रख कर जियो ने 5जी नेटवर्क, एज कंप्यूटिंग और एप्लिकेशंस को मिलाकर एक व्यापक मंच बनाया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ दूसरी आरे ‘जियो ट्रू 5जी लैब’ में हमारे प्रौद्योगिकी भागीदार, उद्योगों को लिए विशिष्ट समाधानों का विकास, परीक्षण और सह-निर्माण कर सकते हैं। यह रिलायंस कॉरपोरेट पार्क नवी मुंबई में स्थित होगा।’’