नई दिल्लीः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम’ की सराहना करते हुए कहा कि इस कानून से गांवों के विकास को नई गति मिलेगी तथा भ्रष्टाचार एवं लीकेज पर रोक सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने संसद के बजट सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि इस अधिनियम से किसान, पशुपालक और मछुआरों के विकास के लिए नई सुविधाएं विकसित होंगी। राष्ट्रपति ने जैसे ही ‘विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम’ का उल्लेख किया, विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया और इस कानून को वापस लेने की मांग करने लगे।
विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए जी राम जी कानून बनाया गया है। इस नए सुधार से गांव में 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा भ्रष्टाचार और लीकेज पर रोक सुनिश्चित होगी।’’ मुर्मू ने कहा कि इस योजना से गांव के विकास में नई गति मिलेगी और किसान, पशुपालक तथा मछुआरों के विकास के लिए नई सुविधाएं विकसित होंगी।
विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के कई घटक दलों के नेताओं ने बुधवार को संसद के बजट सत्र की रणनीति को लेकर चर्चा की। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संसद भवन स्थित कार्यालय में हुई बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश, द्रमुक नेता टी आर बालू, समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान और कुछ अन्य दलों के नेता शामिल हुए।
सूत्रों का कहना है कि विपक्षी दल मनरेगा, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), विदेश नीति और कुछ अन्य विषय उठाएंगे तथा सरकार से जवाब मांगेंगे। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर दो अप्रैल तक चलेगा। केंद्रीय बजट एक फरवरी (रविवार) को पेश किया जाएगा।
सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर्चा होगी और उसे पारित किया जाएगा। इसी चरण में केंद्रीय बजट पर भी चर्चा होगी। इसके बाद सदन की बैठक दोबारा नौ मार्च को शुरू होगी और इस दूसरे चरण की समाप्ति के लिए दो अप्रैल की तारीख निर्धारित की गई है।