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निवेश सलाहकार अपने ग्राहकों से क्रियान्वयन शुल्क नहीं वसूल सकते: सेबी

By भाषा | Updated: April 19, 2021 19:53 IST

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नयी दिल्ली, 19 अप्रैल बाजार नियामक सेबी ने कहा है कि निवेश सलाहकार अपने ग्राहकों को क्रियान्वयन सेवाओं की पेशकश कर सकते हैं लेकिन इसके लिये वे कोई शुल्क या कमीशन नहीं ले सकते।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने यह भी कहा कि निवेश परमार्शदाता उन संपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) की तरफ से अपने ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं को लेकर भी किसी राशि के ‘रिम्बर्समेंट’ (खर्च या नुकसान के बदले भुगतान) का लाभ नहीं ले सकते, जिनकी योजनाएं वे ग्राहकों को बेच रहे हैं।

सेबी के निवेश सलाहकार नियम के संदर्भ में पेटीएम मनी लि. (पीएमएल) की तरफ से मार्गदर्शन मांगे जाने के बाद यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है।

पीएमएल ने कहा कि फिलहाल वह कोई परामर्श शुल्क या क्रियान्वयन शुल्क नहीं ले रही तथा केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो), प्रौद्योगिकी सुविधा, मंच के रखरखाव आदि पर होने वाले खर्च के लिये उन एएमसी से सेवा संबंधित ‘भरपाई’ लेने को इच्छुक है, जिसकी योजनाएं (डायरेक्ट प्लान) वह बेच रही है।

पेटीएम मनी लि. का कहना था कि इसका कारण जिस लागत को कंपनी वहन कर रही है, अगर निवेश सीधे एएमसी के जरिये होता, तो खर्चा उन्हें (संपत्ति प्रबंधन कंपनी) उठाना पड़ता।

उसने सेबी से यह स्पष्ट करने को कहा था कि क्या एएमसी से ऐसे किये गये खर्च की भरपाई लेना निवेश परामर्श नियमों का उल्लंघन होगा?

सेबी ने सोमवार को सार्वजनिक किये गये अपने जवाब में कहा कि निवेश सलाहकार प्रतिभूति बाजार में अपने ग्राहकों को क्रियान्वन सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं।

नियामक के अनुसार, हालांकि, यह इस बात पर निर्भर है कि निवेश सलाहकार यह सुनिश्चित करेंगे कि वे इन सेवाओं के लिये किसी भी रूप में कमीशन या शुल्क सीधे या परोक्ष रूप से निवेश परामर्श समूह या परिवार के स्तर पर नही लेंगे।

सेबी ने कहा कि इस प्रकार की क्रियान्वयन सेवाएं केवल ‘डायरेक्ट स्कीम्स’ या उत्पादों के जरिये प्रतिभूति बाजार में ही उपलब्ध कराये जाने की जरूरत है।

नियामक ने स्पष्ट किया कि उसके नियम निवेश परामर्शदाता (आईए) या उसके परिवार समूह को क्रियान्वयन के लिये कोई शुल्क अपने ग्राहकों से लेने से रोकता है।

सेबी ने कहा कि इसको देखते हुए ‘‘पीएमएल उन एएमसी की तरफ से अपने ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं के एवज में कोई ‘भरपाई’ नहीं ले सकती, जिनकी ‘प्रत्यक्ष योजनाओं’ को वह बेच रही है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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