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आर्थिक पैकेज: उद्योग जगत ने कहा- इसके जरिये अर्थव्यवस्था को कोरोना संकट से पार पाने में मदद मिलेगी

By भाषा | Updated: May 14, 2020 05:44 IST

उद्योग मंडलों ने कहा कि इन उपायों से बाजार में नकदी बढ़ेगी और संकट में फंसे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को नया जीवन मिलेगा।

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ठळक मुद्देउद्योग जगत ने बुधवार को वित्त मंत्री के एमएसएमई, वितरण कंपनियों और रीयल एस्टेट क्षेत्र को ध्यान में रखकर लाये गये प्रोत्साहन पैकेज की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे कंपनियों और अर्थव्यवस्था को कोरोना वायरस संकट के प्रभाव से निपटने में मदद मिलेगी।

उद्योग जगत ने बुधवार को वित्त मंत्री के एमएसएमई, वितरण कंपनियों और रीयल एस्टेट क्षेत्र को ध्यान में रखकर लाये गये प्रोत्साहन पैकेज की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे कंपनियों और अर्थव्यवस्था को कोरोना वायरस संकट के प्रभाव से निपटने में मदद मिलेगी।

उद्योग मंडलों ने कहा कि इन उपायों से बाजार में नकदी बढ़ेगी और संकट में फंसे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को नया जीवन मिलेगा। सरकार ने कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने और उसे पटरी पर लाने के लिये बुधवार को करीब 6 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की।

इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों समेत छोटे कारोबारियों को 3 लाख करोड़ रुपये का बिना गारंटी वाला कर्ज उपलब्ध कराने और गैर-बैंकिग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) तथा आवास वित्त कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये की नकदी सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है। यह पैकेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा का हिस्सा है।

सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि आज की घोषणा की सबसे महत्वपूर्ण बात एमएसएमई की परिभाषा में बदलाव है। इसका दीर्घकालीन और व्यापक प्रभाव पड़ेगा। एमएसएमई विकास कानून, 2006 के बाद से इसमें बदलाव नहीं किया गया था और इसकी लंबे समय से मांग की जा रही थी। एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने कहा कि इन उपायों से एमएसएमई, सूक्ष्म वित्त संस्थानों, आवास वित्त कंपनियों, दबाव वाली रीयल एस्टेट कंपनियों और निर्मानण क्षेत्र को राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को चार साल के लिये 3 लाख करोड़ रुपये का बिना गारंटी का कर्ज और एक साल के लिये मूल राशि लौटाने से छूट, इस क्षेत्र को पटरी पर लाने की दिशा में बड़ा कदम है। यह इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि इसमें 11 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है जबकि देश के जीडीपी में इसका 30 प्रतिशत योगदान है।

फिक्की की अध्यक्ष संगीता रेड्डी ने प्रोत्साहन पैकेज-2 का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के अन्य उपायों को लेकर भी उनका रुख सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि इस व्यापक प्रोत्साहन उपायों की घोषणा से भारतीय उद्योग और अर्थव्यवस्था को गति मिलने का मंच तैयार हो गया है।

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