नई दिल्लीः सरकार द्वारा जारी नई जीडीपी शृंखला के अनुसार, 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 7.4 प्रतिशत की तुलना में अधिक है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा। आंकड़े वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान आर्थिक गतिविधियों में स्थिर गति का संकेत देते हैं।
नई जीडीपी श्रृंखला की घोषणा सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 2022-23 को आधार वर्ष मानते हुए वार्षिक और त्रैमासिक राष्ट्रीय लेखा अनुमानों की एक नई श्रृंखला जारी की है। यह 2011-12 को आधार वर्ष मानने वाली पिछली श्रृंखला का स्थान लेती है। इस संशोधन का उद्देश्य भारत के आर्थिक प्रदर्शन के अधिक अद्यतन और सटीक अनुमान प्रदान करना है।
हाजिर मांग में तेजी से सोने का वायदा भाव 890 रुपये चढ़ा
हाजिर मांग में तेजी से वायदा बाजार में सोने की कीमत शुक्रवार को 890 रुपये की तेजी के साथ 1,60,599 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल में आपूर्ति वाले सोने के अनुबंधों की कीमत 890 रुपये या 0.56 प्रतिशत बढ़कर 1,60,599 रुपये प्रति 10 ग्राम पर हो गई। इसमें 7,735 लॉट का कारोबार हुआ।
कमजोर संकेतों से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 961 अंक लुढ़का
कमजोर वैश्विक रुझानों, विदेशी पूंजी की ताजा निकासी और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 961 अंक टूटा जबकि निफ्टी 318 अंक लुढ़क गया। विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता में प्रगति न होने से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका से निवेशक धारणा प्रभावित हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से सुधारों पर अपना एजेंडा पेश करने को कहा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुधारों को लेकर महत्वाकांक्षी एजेंडा सामने रखते हुए अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों से कहा है कि वे अपने-अपने मंत्रालयों में आने वाले वर्षों में किए जाने वाले सुधारात्मक कदमों पर विस्तृत नोट तैयार करें।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि यह कवायद सरकार के सुधारों पर केंद्रित ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ एजेंडा का हिस्सा है जिसके तहत प्रक्रियाओं को सरल बनाना, कारोबारी सुगमता में सुधार करना और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन का दायरा बढ़ाना लक्ष्य है।