लाइव न्यूज़ :

Hottest April 2024: अप्रैल में रिकॉर्ड गर्मी, बारिश और बाढ़ से दुनिया के कई देश बेहाल, अब तक का सबसे गर्म माह!, यूरोपीय जलवायु एजेंसी ने रिपोर्ट में किया खुलासा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 8, 2024 12:12 IST

Hottest April 2024: यूरोपीय संघ की जलवायु एजेंसी कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (सी3एस) ने कहा कि यह रिकॉर्ड-उच्च तापमान का लगातार 11वां महीना था, जो कमजोर हो रहे अल नीनो (मौसम प्रणाली) और मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है।

Open in App
ठळक मुद्देअप्रैल 2016 में दर्ज किए गए पिछले सबसे उच्च तापमान से 0.14 डिग्री सेल्सियस अधिक था।पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान अब ‘न्यूट्रल’ स्थितियों की ओर वापस जा रहा है। पिछले 12 महीनों (मई 2023-अप्रैल 2024) में वैश्विक औसत तापमान सबसे अधिक दर्ज किया गया है।

Hottest April 2024: दुनियाभर में इस साल अप्रैल का महीना अब तक का सबसे गर्म अप्रैल रहा और रिकॉर्ड गर्मी, बारिश व बाढ़ के कारण कई देशों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बुधवार को जारी नए आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। यूरोपीय संघ की जलवायु एजेंसी कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (सी3एस) ने कहा कि यह रिकॉर्ड-उच्च तापमान का लगातार 11वां महीना था, जो कमजोर हो रहे अल नीनो (मौसम प्रणाली) और मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है।

अप्रैल में औसत तापमान 15.03 डिग्री सेल्सियस रहा, जो निर्दिष्ट पूर्व-औद्योगिक संदर्भ अवधि (1850 से 1900) में उल्लेखित अप्रैल के औसत तापमान से 1.58 डिग्री सेल्सियस अधिक था। यह अप्रैल के लिए 1991-2020 के औसत से 0.67 डिग्री सेल्सियस अधिक और अप्रैल 2016 में दर्ज किए गए पिछले सबसे उच्च तापमान से 0.14 डिग्री सेल्सियस अधिक था।

सी3एस के निदेशक कार्लो बूनटेम्पो ने कहा, “वर्ष की शुरुआत में अल नीनो चरम पर था और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान अब ‘न्यूट्रल’ स्थितियों की ओर वापस जा रहा है। हालांकि, एक ओर अल नीनो जैसी प्राकृतिक प्रणालियों से जुड़े तापमान में बदलाव आते-जाते रहते हैं, तो दूसरी ओर ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ती सांद्रता के कारण समुद्र व वायुमंडल में मौजूद अतिरिक्त ऊर्जा वैश्विक तापमान को नए रिकॉर्ड की ओर धकेलती रहेगी।” जलवायु एजेंसी ने कहा कि पिछले 12 महीनों (मई 2023-अप्रैल 2024) में वैश्विक औसत तापमान सबसे अधिक दर्ज किया गया है।

जो 1991-2020 के औसत से 0.73 डिग्री सेल्सियस अधिक और 1850-1900 की अवधि के पूर्व-औद्योगिक काल के औसत से 1.61 डिग्री सेल्सियस अधिक है। सी3एस के अनुसार, वैश्विक औसत तापमान जनवरी में पहली बार पूरे वर्ष की 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर गया।

वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों - मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन - की तेजी से बढ़ती सांद्रता के कारण पृथ्वी की वैश्विक सतह का तापमान 1850-1900 के औसत की तुलना में पहले ही लगभग 1.15 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है। माना जा रहा है कि इस तापमान वृद्धि के कारण दुनिया भर में रिकॉर्ड सूखा, जंगलों में आग और बाढ़ जैसी घटनाएं देखी जा रही हैं।

जर्मनी के ‘पॉट्सडैम इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट इम्पैक्ट रिसर्च’ के वैज्ञानिकों द्वारा हाल ही में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, जलवायु घटनाओं के प्रभाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था को 2049 तक प्रति वर्ष लगभग 380 खरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान हो सकता है।

टॅग्स :हीटवेवमौसमभारतीय मौसम विज्ञान विभागमौसम रिपोर्टअमेरिका
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारपश्चिम एशिया संघर्षः भारत मजबूती से उभरा और हालात का डटकर मुकाबला किया?, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा- युद्ध से करोड़ों लोग परेशान, वीडियो

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

कारोबारपाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 458.40, केरोसिन दाम 457.80 और डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर?

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारहम घुसपैठियों के खिलाफ हैं, मुसलमानों के नहीं?, नितिन गडकरी ने कहा- असम और पश्चिम बंगाल जीत रहे?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: तेल संकट का असर या राहत? जानिए 5 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित

कारोबारITR Filing 2026: ITR दाखिल करने से पहले ये बातें जान लेना है बेहद जरूरी, जानें कब से शुरू हो रही है प्रक्रिया और कैसे बचाएं पेनाल्टी