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जीएसटी परिषद ने कोविड दवाओं, चिकित्सा सामग्री पर दरों में नहीं किया बदलाव, मंत्री समूह करेगा गौर

By भाषा | Updated: May 28, 2021 23:40 IST

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नयी दिल्ली, 28 मई माल एवं सेवाकर (जीएसटी) परिषद ने शुक्रवार को कोविड- 19 की दवा, टीका और चिकित्सा आपूर्ति पर जीएसटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया। भाजपा और विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा इस बिंदु पर अटक गई कि क्या कटौती का लाभ आम आदमी को मिलेगा।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्य कोविड की दवा और दूसरी आपूर्तियों पर जीएसटी से छूट देने की मांग कर रहे हैं लेकिन केन्द्र सरकार का मानना है कि ऐसा करने से आम लोगों को वास्तव में कोई फायदा नहीं होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘‘यह कहना अलग बात है कि ऐसा करो -- इससे आम आदमी को फायदा होगा। लेकिन जब तकनीकी, फिटमेंट और विधि समिति ने इस बारे में विस्तार पूर्वक समीक्षा की तो आपको पता चलता है कि इसका कई अन्य चीजों पर प्रभाव हो सकता है।’’

सीतारमण ने कहा, ‘‘मैं राजस्व सृजन पहलू की बात नहीं कर रही हूं, लेकिन इसमें कितनी और आइटम को शामिल करना पड़ेगा और इसके परिणामस्वरूप आप इसे किस प्रकार लागू करेंगे।’’

जीएसटी परिषद की 43वीं बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुये वित्त मंत्री ने कहा कि दवाओं और चिकित्सा आपूर्ति पर जीएसटी दर के मुद्दे पर फैसला करने के लिये एक मंत्री समूह गठित किया गया है। मंत्री समूह आठ जून को अपनी रिपोर्ट सौंप देगा।

सीतारमण ने कहा, ‘‘वास्तव में जब ये फायदे, जो कि अब तक विनिर्माताओं या मध्यवर्ती इकाईयों को जाते रहे हैं, अंतिम उपयोगकर्ता यानी बीमार व्यक्ति के ऊपर डाले जायेंगे, तब उस मामले में अलग विचार होंगे। यही वजह है कि मैंने इस मामले में विस्तृत विचार विमर्श और फैसला लेने के लिये मंत्री समूह बनाये जाने का सुझाव दिया। एक परिषद के तौर पर हम इसके लिये जवाबदेह हैं कि यह आम आदमी तक किस प्रकार पहुंचेगा ... मंत्री समूह अपनी सिफारिश के साथ परिषद में आयेगा जिसके बाद हम अंतिम निर्णय लेंगे।’’

घरेलू स्तर पर तैयार टीके पर पांच प्रति की दर से जीएसटी लगता है जबकि कोविड की दवा और आक्सीजन कंसन्ट्रेटर पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लागू है।

सीतारमण ने कहा, ‘‘केन्द्र और सभी राज्यों संघ शासित प्रदेशों का इसी में हित है कि भारतीयों को समय पर टीका लगे और राज्यों को उनका राजस्व हिस्सा समय पर मिले, एक ऐसा संतुलित विचार रखा गया जो कि आज की बैठक में देखा गया।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा एम्फोटेरिसिन बी के आयात को एकीकृत जीएसटी से छूट दी जायेगी। परिषद ने यह भी फैसला किया कि कोविड संबंधी आपूर्ति चिकित्सा आक्सीजन और टीकों के आयात को 31 अगस्त 2021 तक आईजीएसटी से पूरी तरह छूट दी जायेगी। इन उपकरणों को विदेशों से चाहे मूल्य चुकाकर अथवा मुफ्त में मंगाया गया, लेकिन देश में यदि उन्हें केन्द्र अथवा राज्य सरकार से मंजूरी प्राप्त एजेंसी को दान में दिया जाता है तो उसपर आईजीएसटी से छूट होगी।

परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर भी सहमति बनी कि केन्द्र सरकार राज्यों की जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिये 1.58 लाख करोड़ रुपये का उधार लेकर उसे राज्यों को देगी। ‘‘क्षतिपूर्ति उपकर के मामले में जो फार्मूला पिछले साल अपनाया गया वहीं इस साल भी अपनाया जायेगा। मौटे तौर पर अनुमान है कि केन्द्र सरकार को 1.58 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेना होगा और साथ के साथ राज्यों को देना होगा।’’

सीतारमण ने कहा कि राज्यों के जीएसटी क्षतिपूर्ति भरपाई के लिये उपकर व्यवस्था को पांच साल की अवधि से आगे बढ़ाने के मुद्दे पर विचार के लिये जल्द ही परिषद का एक विशेष सत्र बुलाया जायेगा। इसमें विचार किया जायेगा की इस व्यवस्था का क्या जुलाई 2022 के बाद भी जारी रखा जाये अथवा नहीं।

परिषद ने छोटे जीएसटी करदाताओं को एक माफी योजना के जरिये विलंब से रिटर्न दाखिल करने के मामले में राहत दी है। जिन करदाताओं ने जुलाई 2017 से अप्रैल 2021 तक जीएसटीआर- 3बी दाखिल नहीं किया है उनके लिये विलंब शुल्क 500 रुपये प्रति रिटर्न तय की गई है। यह शुल्क उन करदाताओं के लिये है जिनकी कोई कर देनदारी नहीं होगी।

जिन करदाताओं पर कर देनदारी होगी उनके लिये प्रति रिटर्न 1,000 रुपये का विलंब शुल्क लिया जायेगा। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिये 31 अगस्त तक रिटर्न दाखिल करनी होगी। इसके अलावा दो करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले करदाताओं के लिये 2020- 21 वित्त वर्ष की सालाना रिटर्न दाखिल करने को वैकल्पिक बना दिया गया है।

पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने ने ट्वीट किया कोविड19 संबंधी राहत में केंद्र में संवेदना की कमी है। उन्होंने जीएसटी क्षतिपूर्ति का आंकड़ा तय करने के लिए एक प्राथमिक स्कूल का अध्यापक रखने की जरूरत बताया क्यों कि उनके अनुसार इस मामले में आंकड़े सही नहीं बताए जा रहे है।

कर्नाटक के गृहमंत्री बासवराज बोम्मई ने कि राज्या का जीएसटी क्षतिपूर्ति का 11,000 करोड़ रुपये का बकाया जारी किया जाए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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