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Onion Exports: एक्शन में मोदी सरकार, प्याज पर 40 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी, 31 दिसंबर तक रहेगी लागू, जानें वजह

By सतीश कुमार सिंह | Updated: August 19, 2023 19:34 IST

Onion Exports: तंग आपूर्ति के कारण प्याज की कीमत इस माह के अंत में खुदरा बाजार में बढ़ने की आशंका है और अगले महीने यह लगभग 60-70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।

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ठळक मुद्देसरकार ने अपने ‘बफर स्टॉक’ से लक्षित क्षेत्रों को प्याज जारी करने की घोषणा की है।सरकार बफर स्टॉक से प्याज जारी करने के लिए कई विकल्प तलाश रही है।कम आपूर्ति वाले सीजन के दौरान दाम बढ़ने पर सरकार इस प्याज को जारी करती है।

नई दिल्लीः सरकार ने मूल्य वृद्धि पर अंकुश लगाने और घरेलू बाजार में आपूर्ति में सुधार के लिए शनिवार को प्याज के निर्यात पर 40 प्रतिशत शुल्क लगाया। वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि 31 दिसंबर, 2023 तक प्याज पर 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क लगाया है। निर्यात शुल्क इन खबरों के बीच लगाया गया है कि सितंबर में प्याज की कीमतें बढ़ने की आशंका है।

तंग आपूर्ति के कारण प्याज की कीमत इस माह के अंत में खुदरा बाजार में बढ़ने की आशंका है और अगले महीने यह लगभग 60-70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। हालांकि, अक्टूबर से खरीफ की आवक शुरू होने पर प्याज की आपूर्ति बेहतर होगी, जिससे कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है। क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘मांग-आपूर्ति में असंतुलन का असर अगस्त के अंत में प्याज की कीमतों पर दिखने की आशंका है।

सरकार ने अपने ‘बफर स्टॉक’ से लक्षित क्षेत्रों को प्याज जारी करने की घोषणा की है। यह कदम अक्टूबर से नई फसल की आवक शुरू होने से पहले कीमतों को नियंत्रण में रखने के मकसद से उठाया गया है। सरकार बफर स्टॉक से प्याज जारी करने के लिए कई विकल्प तलाश रही है।

इनमें ई-नीलामी, ई-कॉमर्स के साथ-साथ राज्यों के माध्यम से उनकी उपभोक्ता सहकारी समितियों तथा खुदरा दुकानों से रियायती दरों पर बिक्री शामिल है। सरकार ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत तीन लाख टन प्याज रखा है। कम आपूर्ति वाले सीजन के दौरान दाम बढ़ने पर सरकार इस प्याज को जारी करती है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्याज कीमतें भी अब थोड़ा बढ़ रही हैं। दस अगस्त को प्याज की अखिल भारतीय खुदरा कीमत 27.90 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो कि एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में दो रुपये अधिक है। उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा, ‘‘ हम तत्काल प्रभाव से ‘बफर स्टॉक’ से प्याज देंगे।’’

उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नैफेड) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनसीसीएफ) के अधिकारियों के साथ 10 अगस्त को हुई चर्चा के बाद प्याज के निपटान के तौर-तरीकों को अंतिम रूप दिया गया।

मंत्रालय के अनुसार, ‘‘ बफर स्टॉक के प्याज ने उपभोक्ताओं को सस्ती कीमत पर प्याज उपलब्ध कराने और मूल्य स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’’ अप्रैल-जून के दौरान रबी प्याज का देश के कुल उत्पादन में 65 प्रतिशत हिस्सा है। ये अक्टूबर-नवंबर में खरीफ फसल की कटाई होने तक उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करते हैं।

(इनपुट एजेंसी)

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