नई दिल्ली:फ्लिपकार्ट ने 2025 के लिए योग्य कर्मचारियों को 105 प्रतिशत बोनस देने की घोषणा की है। यह फैसला कंपनी में ज़बरदस्त बिज़नेस ग्रोथ और बेहतर परफॉर्मेंस के बाद लिया गया है। यह बोनस मार्च में सीनियर डायरेक्टर लेवल और उससे नीचे के कर्मचारियों को दिया जाएगा।
वाइस प्रेसिडेंट (VPs) और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (SVPs) जैसे ऊंचे पदों पर बैठे अधिकारियों को बोनस 2025 की परफॉर्मेंस रिव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिया जाएगा। कंपनी ने यह जानकारी चीफ़ ह्यूमन रिसोर्स ऑफ़िसर सीमा नायर के एक अंदरूनी ईमेल के ज़रिए दी।
ज़बरदस्त ग्रोथ से मिला इनाम
फ्लिपकार्ट ने कहा कि यह बोनस उसके बिज़नेस, ऑपरेशंस, फाइनेंस और लोगों के मैनेजमेंट में हुई तरक्की को दिखाता है। कंपनी लगातार मज़बूती से आगे बढ़ते हुए, टिकाऊ मुनाफ़े की तरफ़ बढ़ रही है। इसने अपनी मुख्य बिज़नेस कैटेगरीज़ में भी सुधार किया है और ग्रोथ के नए क्षेत्रों का विस्तार किया है।
कंपनी ने कहा कि यह बोनस कर्मचारियों की कड़ी मेहनत का इनाम देने का एक तरीका है। 105 प्रतिशत का पेआउट देकर, फ्लिपकार्ट का मकसद अपने कर्मचारियों को प्रेरित करना और कंपनी की सफलता में उनके योगदान को पहचानना है।
IPO से पहले CFO का इस्तीफ़ा
इसी बीच, फ्लिपकार्ट के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (सीएफओ), श्रीराम वेंकटरमन ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उनका जाना एक अहम समय पर हुआ है, क्योंकि कंपनी भारत में अपने प्रस्तावित आईपीओ की तैयारी कर रही है।
वेंकटरमन कुछ महीनों तक कंपनी के साथ बने रहेंगे ताकि काम का हस्तांतरण (handover) सुचारू रूप से हो सके। इस दौरान, जब तक कोई नया सीएफओ नियुक्त नहीं हो जाता, तब तक रवि अय्यर वित्त संबंधी कार्यों की देखरेख करेंगे।
फ्लिपकार्ट ने निशांत वर्मन को कॉर्पोरेट डेवलपमेंट और पार्टनरशिप्स के लिए सीनियर वाइस प्रेसीडेंट भी नियुक्त किया है। ये बदलाव दिखाते हैं कि कंपनी अपनी नेतृत्व टीम को मज़बूत कर रही है।
कंपनी अपनी वृद्धि के अगले चरण और पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी के तहत कई अहम बदलाव कर रही है। नेतृत्व में बदलाव के बावजूद, Flipkart विस्तार और दीर्घकालिक सफलता पर अपना ध्यान केंद्रित रखे हुए है।