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Bihar News: 35000 हेक्टेयर में मखाना की खेती, 25000 किसान जुड़े, कृषि मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा- इस बढ़ाकर 60000 करना और 50000 किसान को जोड़ने का लक्ष्य

By एस पी सिन्हा | Updated: August 3, 2024 17:54 IST

Bihar News: मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार की मिट्टी की जैव विविधता एवं विशिष्ट जलवायु मानव हितार्थ अनेक फसलों को फलने-फूलने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है।

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ठळक मुद्देमखाना के उत्पादन, विपणन एवं प्रसंस्करण करके इसे हर थाल तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।खाना उत्पादक किसान को यह भरोसा दिया जाए कि मखाना उत्पादन में उनका भविष्य है।पूरे देश में उत्पादन का 85 प्रतिशत से अधिक उत्पादन बिहार में होता है।

Bihar News: बिहार के कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने शनिवार को ज्ञान भवन, पटना में आयोजित मखाना महोत्सव का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य बिहार के किसानों का उत्साहवर्धन करना है। बिहार सबसे अधिक मखाना उत्पादन करने वाला राज्य है। इस दौरान किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयास को भी उन्होंने बताया कि वो मखाना उत्पादकों के लिए क्या सोचते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह निर्देश है कि मखाना का उत्पादन बढ़ाया जाए और किसानों को अधिक से अधिक सुविधा व सहूलियत दिया जाए। मंगल पांडेय ने कहा कि किसान अधिक उत्साहित होकर मखाना का अधिक उत्पादन करें ऐसा मुख्यमंत्री चाहते हैं। मखाना के उत्पादन, विपणन एवं प्रसंस्करण करके इसे हर थाल तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मखाना उत्पादक किसान को यह भरोसा दिया जाए कि मखाना उत्पादन में उनका भविष्य है। मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार की मिट्टी की जैव विविधता एवं विशिष्ट जलवायु मानव हितार्थ अनेक फसलों को फलने-फूलने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। इन्हीं फसलों में मखाना एक जलीय फसल है, जिसके पूरे देश में उत्पादन का 85 प्रतिशत से अधिक उत्पादन बिहार में होता है।

प्राचीन काल से मखाना का उपयोग स्वास्थ्यप्रद भोजन एवं धार्मिक अनुष्ठान में शुभ सामग्री के रूप में किया जाता रहा है। मंत्री ने कहा कि मखाना फसल आजीविका सृजन, मूल्यवर्धन, विपणन और निर्यात प्रोत्साहन के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करती है। मखाना उत्तरी बिहार का एक महत्वपूर्ण फसल है, जिस पर लाखों किसानों की आजीविका आश्रित है।

मंगल पांडेय ने कहा कि अभी कुल 35000 हेक्टेयर में इसकी खेती होती है और 25000 किसान इसमें जुड़े हुए हैं। हमारा लक्ष्य है कि अगले दो तीन साल में 50 से 60 हजार हेक्टेयर में इसकी खेती हो और 50000 किसान इससे जुड़ें। जब अधिक किसान जुड़ेंगे तो उत्पादन बढ़ेगा और फिर युवा इसकी मार्केटिंग में जुटेंगे।

उन्होंने कहा कि 16 अगस्त 2022 को भारत सरकार द्वारा मिथिला मखाना को जीआई टैग प्रदान किया गया है, जो मखाना उत्पादन के क्षेत्र में बिहार की विशिष्टता को दर्शाता है। साथ ही इस आयोजन के दौरान उत्पाद से संबंधित विकसित नई तकनीक का प्रदर्शन और मखाना क्षेत्र के विकास की दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए प्रगतिशील कदम को भी साझा किया जा रहा है।

टॅग्स :बिहारपटना
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