बिहार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजनाः महिलाओं को 200000 रुपये देने की तैयारी, एसओपी जारी
By एस पी सिन्हा | Updated: January 14, 2026 16:52 IST2026-01-14T16:51:30+5:302026-01-14T16:52:43+5:30
Bihar Chief Minister Women Employment Scheme: करीब 19 लाख और आवेदन आए हैं, जिन पर राशि भेजने की प्रक्रिया चल रही है। व्यवसाय बेहतर ढंग से चल रहा है, अगले चरण में 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

Bihar Chief Minister Women Employment Scheme
पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब शुरुआती सहायता राशि 10,000 रुपये के बाद सफल महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी। इस योजना के जरिए सरकार उन महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहती है, जिन्होंने छोटी शुरुआत कर अपने रोजगार को बड़ी दिशा दी है। योजना के पहले चरण में महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए 10-10 हजार रुपये दिए गए थे। अब सरकार का फोकस उन महिलाओं पर है जो इस प्रारंभिक राशि से सफलतापूर्वक अपना काम चला रही हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए बड़ी सहायता मिलने से उनका व्यवसाय बढ़ेगा और उनकी आमदनी का स्थायी जरिया बनेगा। इस उद्देश्य के लिए 2 लाख रुपये की सहायता देने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की गई है।
एसओपी में यह स्पष्ट किया गया है कि राशि किन शर्तों पर दी जाएगी, लाभार्थियों का चयन कैसे होगा? उनके व्यवसाय का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा और सहायता राशि एक साथ दी जाएगी या जरूरत के अनुसार चरणबद्ध तरीके से। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का मकसद सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि महिलाओं के व्यवसाय को मजबूत बनाना है।
पहले चरण में 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा करीब 19 लाख और आवेदन आए हैं, जिन पर राशि भेजने की प्रक्रिया चल रही है। इन महिलाओं में से जिनका व्यवसाय बेहतर ढंग से चल रहा है, उन्हें अगले चरण में 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
योजना के तहत 2 लाख रुपये की मदद शुरू करने से पहले महिलाओं को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। ट्रेनिंग में व्यवसाय से जुड़ी तकनीक, बाजार की समझ और बिजनेस संचालन की महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। जीविका से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, एसओपी लागू होते ही इस चरण पर काम शुरू कर दिया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया पहले चरण के चयनित लाभार्थियों पर आधारित होगी।
जिन महिलाओं को पहले चरण में राशि मिली है, वे अपने काम के प्रदर्शन के आधार पर अगले चरण के लिए पात्र होंगी। आवेदन और मूल्यांकन की प्रक्रिया जीविका के स्वयं सहायता समूहों, प्रखंड स्तर के कार्यालय और विभाग के माध्यम से की जाएगी। पात्र महिलाओं की पहचान के बाद उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी और फिर जरूरत के अनुसार 2 लाख रुपये तक की सहायता उनके खाते में भेजी जाएगी।