बिहार में ज्वेलरी दुकानों में हिजाब, नकाब, हेलमेट या चेहरा ढक कर आने पर रोक?, ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन ने लिया निर्णय
By एस पी सिन्हा | Updated: January 7, 2026 14:40 IST2026-01-07T14:39:18+5:302026-01-07T14:40:20+5:30
कारोबारियों का दावा है कि इस नियम से अपराधियों पर लगाम लगेगी और बाजारों में सुरक्षा का माहौल बेहतर होगा, जिससे ग्राहक भी अधिक निश्चिंत होकर खरीदारी कर सकेंगे।

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पटनाः बिहार के सर्राफा कारोबारियों के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से ज्वेलरी दुकानों में हिजाब, नकाब, हेलमेट या चेहरा ढक कर आने पर रोक लगा दी गई है। बिहार अब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन (एआईजेजीएफ) के निर्देश पर लिया गया यह फैसला कल से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएगा। इस फैसले के बाद कई सराफा प्रतिष्ठानों के बाहर स्पष्ट सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं, जिन पर लिखा है कि चेहरा ढक कर दुकान में आना प्रतिबंधित है। सराफा व्यापारियों का कहना है कि यह कदम किसी भी समुदाय, धर्म या वर्ग को लक्षित करने के उद्देश्य से नहीं उठाया गया है, बल्कि इसका मकसद केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हाल के महीनों में बिहार के विभिन्न जिलों में सराफा दुकानों में लूट और चोरी की घटनाओं में इजाफा हुआ है।
कई मामलों में अपराधी चेहरे को ढक कर दुकान में दाखिल हुए और वारदात के बाद आसानी से फरार हो गए। वहीं, व्यापारियों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से न सिर्फ दुकानदारों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि ग्राहकों की जान-माल पर भी जोखिम बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
सराफा एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई ग्राहक खरीदारी करना चाहता है तो वह दुकान में प्रवेश से पहले अपना चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाकर या पहचान सुनिश्चित कर सकता है। कारोबारियों का दावा है कि इस नियम से अपराधियों पर लगाम लगेगी और बाजारों में सुरक्षा का माहौल बेहतर होगा, जिससे ग्राहक भी अधिक निश्चिंत होकर खरीदारी कर सकेंगे।
इस मामले में ऑल इंडिया गोल्ड एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि सराफा कारोबार हमेशा से अपराधियों के निशाने पर रहा है। हमने यह निर्णय पूरी तरह से सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया है। आए दिन दुकानों में लूटपाट की घटनाएं हो रही हैं। चेहरे ढके होने के कारण अपराधियों की पहचान कर पाना मुश्किल हो जाता है।
इसी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुधवार से राज्य की किसी भी ज्वेलरी दुकान में पूरी तरह चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों को न तो प्रवेश दिया जाएगा और न ही उन्हें किसी प्रकार की बिक्री की जाएगी। फेडरेशन के मुताबिक, वर्तमान में सोने और चांदी की कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर हैं।
10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1,40,000 और एक किलो चांदी की कीमत करीब ₹2,50,000 तक पहुंच चुकी है। इतनी हाई-वैल्यू कमोडिटी होने के कारण ज्वेलरी दुकानें हमेशा अपराधियों के निशाने पर रहती हैं। अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले कुछ समय में लूटपाट की कई घटनाओं में यह देखा गया है कि अपराधी फुल हेलमेट, घूंघट या नक़ाब पहनकर 3-4 के समूह में आते हैं।
चेहरा ढका होने के कारण सीसीटीवी कैमरों में उनकी पहचान करना असंभव हो जाता है। व्यापारियों का तर्क है कि ग्राहकों और दुकानदारों दोनों की जान-माल की सुरक्षा के लिए यह अनिवार्य हो गया था कि दुकान में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति का चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
उनका कहना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल चोरी और लूट की घटनाओं में कमी आएगी बल्कि पुलिस को भी संदिग्धों की पहचान करने में आसानी होगी। फेडरेशन ने सभी ग्राहकों से अपील की है कि वे सुरक्षा के इस नए प्रोटोकॉल का पालन करें और दुकान में प्रवेश करते समय अपना चेहरा खुला रखें।