नई दिल्ली: कई ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को 'भारत-बंद' का आह्वान किया है। यह बंद केंद्र के लेबर सुधारों और बड़ी आर्थिक नीतियों के जवाब में आयोजित किया गया है। उनका तर्क है कि हाल ही में लाए गए चार लेबर कोड वर्कर की सुरक्षा को कमज़ोर करते हैं और जॉब सिक्योरिटी को कम करते हैं। यूनियन के प्रतिनिधियों का दावा है कि इन बदलावों से मालिकों को कर्मचारियों को काम पर रखने और निकालने में ज़्यादा फ़्लेक्सिबिलिटी मिलती है, जबकि पहले वर्कर के अधिकारों की रक्षा करने वाले सुरक्षा उपायों को कमज़ोर किया गया है। कई बैंक यूनियनों ने भी इस आह्वान को अपना समर्थन दिया है। AIBEA, AIBOA और BEFI जैसी बैंकिंग यूनियनों ने इसमें शामिल होने की घोषणा की है। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि बैंक बंद रहेंगे या खुले रहेंगे।
क्या 12 फरवरी को बैंक खुले रहेंगे या बंद?
हालांकि बैंकों ने कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की है, लेकिन बैंकिंग सर्विसेज़ पर असर पड़ने की उम्मीद है। हालांकि, ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सर्विसेज़ नॉर्मल तरीके से काम करेंगी। बैंक ऑफ़ बड़ौदा और कुछ दूसरे लेंडर्स ने बयान जारी कर कहा है कि वे सर्विस को ठीक से चलाने की कोशिश करेंगे, लेकिन कस्टमर्स को कैश निकालने या चेक क्लियरिंग में देरी हो सकती है।
ये सर्विस बंद रह सकती हैं:
-बड़े शहरों में मार्केट और दुकानें-कई इलाकों में पब्लिक सेक्टर के बैंक-सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में सरकारी ऑफिस-रोड ब्लॉक होने की वजह से पब्लिक ट्रांसपोर्ट-स्कूल और कॉलेज
ये सर्विस खुली रह सकती हैं:
-हॉस्पिटल और दूसरी मेडिकल फैसिलिटी-प्राइवेट ऑफिस-एयरपोर्ट-एटीएम-दूसरी ज़रूरी सर्विस
लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
देश भर में भारत बंद से कई इलाकों में बड़ी दिक्कतें होने की उम्मीद है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आस-पास के इलाकों में हालात देखें और उसी हिसाब से अपनी यात्रा की प्लानिंग करें। अधिकारियों और बैंकों ने भी लोगों से कहा है कि वे परेशानी से बचने के लिए पैसे या सरकार से जुड़े ज़रूरी काम समय से पहले निपटा लें।