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छोटे उद्योगों को समर्थन के लिए विभिन्न शहरों में डिजिटल केंद्र स्थापित करेगी आमेजन इंडिया

By भाषा | Updated: July 25, 2021 17:34 IST

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नयी दिल्ली, 25 जुलाई ई-वाणिज्य कंपनी आमेजन इंडिया सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को अपने मंच से जोड़ने और ऑनलाइन कारोबार के क्षेत्र में सशक्त बनाने को लेकर विभिन्न शहरों में डिजिटल केंद्र खोलने की योजना बना रही है। ये केंद्र छोटे उद्योगों को ई-वाणिज्य के बारे में जागरूकता तथा संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनकी डिजिटल कारोबार में मदद करेंगे तथा उनकी वृद्धि को गति देंगे। आमेजन इंडिया के निदेशक (एमएसएमई, बिक्री भागीदार अनुभव) प्रणव भसीन ने यह कहा।

कंपनी ने इस महीने की शुरूआत गुजरात के सूरत में एमएसएमई के लिये डिजिटल केंद्र खोला है। ये केंद्र रिसोर्स सेंटर के रूप में काम करेगा और एमएसएमई की हर जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उनकी समस्याएं दूर करने में मदद करेगा। इन केंद्रों के जरिये कंपनी ई-वाणिज्य को लेकर जागरूकता और समझ, निर्यात बाजार की जानकारी आदि उपलब्ध कराएगी।

भसीन ने कहा, ‘‘हमने एमएसएमई को डिजिटल कारोबार के क्षेत्र में सशक्त बनाने और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिये देश में छोटे उद्योगों के संकुलों के करीब डिजिटल केंद्र स्थापित करने की योजना बनायी है।’’ हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि आमेजन इंडिया की किन-किन शहरों में और कबतक ऐसे डिजिटल केंद्र खोलने की योजना है।

उल्लेखनीय है कि देश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसका कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब 30 प्रतिशत और निर्यात में 48 प्रतिशत का योगदान है। भसीन रविवार को भाषा से बातचीत में ने कहा, ‘‘हमने हाल में गुजरात के सूरत में पहला आमेजन डिजिटल केंद्र खोला है। यह केंद्र एमएसएमई को डिजिटल उद्यमी बनने में हर जरूरतों को पूरा करेगा। इसमें एमएसएमई को ई-कॉमर्स के लाभ और लॉजिस्टिक समर्थन, डिजिटल विपणन, जीएसटी तथा कराधान के मामले में हर तरह का समर्थन दिया जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके जरिये उन सभी सेवाओं को वैसे स्थानों पर ले जाने का प्रयास है जहां एमएसएमई हैं। ये केंद्र उनकी डिजिटल कारोबार में मदद करेंगे और उनकी वृद्धि को गति देंगे। आमेजन डिजिटल केंद्र समेत अन्य माध्यमों से हमने 2025 तक एक करोड़ एमएसएमई को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा है।’’

ई-कॉमर्स से एमएसएमई को लाभ के बारे में भसीन ने कहा, ‘‘शुरुआत से हम एमएसएमई और अन्य विक्रेताओं को जोड़ने तथा उनके लिए संचालन लागत कम करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग कर उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करते रहे हैं। प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे में हमारे निवेश को उनके विकास को गति मिली है।’’

उन्होंने ने कहा, ‘‘हमारे प्रयासों के कारण ही आज लाखों की संख्या में छोटे एवं मझोले कारोबारी हमसे जुड़े हैं। फ्रेंचाइजी के माध्यम से 10 लाख से अधिक दस्तकार और बुनकर तथा 1.5 लाख से अधिक स्थानीय ऑफलाइन स्टोर आमेजन के साथ काम कर रहे हैं। 70 हजार से अधिक छोटे निर्माताओं ने अब वैश्विक ब्रांड लॉन्च किए हैं और निर्यात पहले ही 3 अरब डॉलर को पार कर चुका है।’’

उन्होंने कहा कि आमेजन डॉट इन से 8.5 लाख से अधिक विक्रेता जुड़े हैं और उनमें 90 प्रतिशत से अधिक एमएसएमई हैं। पचास प्रतिशत से अधिक विक्रेता उत्तर प्रदेश के अलीगढ़, ओड़िशा के अंगुल, केरल के इडुकी जैसे छोटे एवं मझोले शहरों से हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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