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अमेजन, एपल, महिंद्रा शून्य-कार्बन प्रौद्योगिकी की मांग बढ़ाने के ‘फर्स्ट मूवर्स कोलिशन’ में शामिल

By भाषा | Updated: November 5, 2021 16:50 IST

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नयी दिल्ली/ग्लासगो, पांच नवंबर अमेजन और एपल के साथ-साथ भारत के महिंद्रा समूह और डालमिया सीमेंट (भारत) जैसी वैश्विक कंपनियां शून्य-कार्बन उत्सर्जन वाली प्रौद्योगिकी की मांग बढ़ाने की दिशा में काम करने के लिए 'फर्स्ट मूवर्स कोलिशन' के संस्थापक सदस्यों के रूप में शामिल हुई हैं। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने यह जानकारी दी।

ग्लासगो में सीओपी-26 जलवायु शिखर सम्मेलन में इस गठबंधन की शुरुआत की गई है।

2050 के जलवायु लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए आवश्यक उत्सर्जन में कटौती का लगभग आधा हिस्सा प्रौद्योगिकियों पर निर्भर करता है, जबकि इस दशक में नवाचार को तेज करना इन प्रौद्योगिकियों को बाजार में लाने और उन्हें लागत-प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।

इस प्रयास को शुरू करने के लिए विश्व आर्थिक मंच ने जलवायु के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति के विशेष दूत जॉन केरी के साथ फर्स्ट मूवर्स कोलिशन की घोषणा की है, जो कंपनियों के लिए कम कार्बन उत्सर्जन वाली प्रौद्योगिकियों के लिए नई बाजार मांग पैदा करने वाली खरीद प्रतिबद्धताओं को पूरा करने वाला एक नया मंच है।

प्रतिबद्धताओं का उद्देश्य कार्बन-मुक्त प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण के लिए सामूहिक रूप से जिम्मेदार होना है। गठबंधन इन तकनीकी समाधानों में निवेश के माध्यम से इस दशक में व्यापक कार्य करके एक दीर्घकालिक प्रभाव पैदा करेगा।

यह गठबंधन आठ प्रमुख क्षेत्रों में काम करेगा, जिनमें से सात - इस्पात, सीमेंट, एल्युमीनियम, रसायन, पोत परिवहन, विमानन और ट्रक परिवहन - वैश्विक कार्बन उत्सर्जन के एक-तिहाई से अधिक के लिए जिम्मेदार हैं।

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि आठवां डायरेक्ट एयर कैप्चर (कार्बन डाइऑक्साइड को कैप्चर करने की एक प्रक्रिया) शुद्ध-शून्य वैश्विक उत्सर्जन को प्राप्त करने में मदद करने के लिए वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर को कम कर सकता है, लेकिन व्यावसायिक व्यवहार्यता तक पहुंचने के लिए तकनीकी नवाचार की भी आवश्यकता है।

गठबंधन के संस्थापक सदस्यों में एजिलिटी, एयरबस, अमेजन, एपल, बेन एंड कंपनी, बैंक ऑफ अमेरिका, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप, बोइंग, डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड, डेल्टा एयरलाइंस, महिंद्रा ग्रुप, नोकिया, रिन्यू पावर, सेल्सफोर्स, यूनाइटेड एयरलाइंस, वोल्वो ग्रुप और यारा इंटरनेशनल शामिल हैं।

विश्व आर्थिक मंच के अध्यक्ष बोर्ग ब्रेंडे ने कहा, "प्रौद्योगिकी ने हमें अपने उत्सर्जन को कम करने और भविष्य की एक मजबूत और अधिक समावेशी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए उपकरण दिए हैं। नवोन्मेषकों और निवेशकों को जलवायु संकट से निपटने में अपनी भूमिका निभाने के लिए स्पष्ट बाजार की मांग की आवश्यकता है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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