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2020-21 में आम उत्पादन में 4.24 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद : कृषि मंत्रालय

By भाषा | Updated: March 8, 2021 20:34 IST

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नयी दिल्ली, आठ मार्च देश में आम का उत्पादन जून में समाप्त होने वाले फसल वर्ष 2020-21 में 4.24 प्रतिशत बढ़कर दो करोड़ 11.2 लाख टन होने का अनुमान है। कृषि मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।

'फलों के राजा', आम का उत्पादन, फसल वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) के दौरान दो करोड़ 2.6 लाख टन का हुआ था।

दक्षिणी और पश्चिमी भारत से आम का आगमन शुरू हो गया है, जबकि उत्तर प्रदेश जैसे उत्तरी राज्यों में आम का मौसम जून के मध्य से शुरू होगा।

फसल वर्ष 2020-21 के लिए मंत्रालय द्वारा जारी बागवानी फसल उत्पादन के पहले अनुमान के अनुसार हालांकि, खरबूजा और तरबूज जैसे अन्य ग्रीष्मकालीन फलों का उत्पादन, पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा कम रहने का अनुमान है।

इस साल खरबूजे का उत्पादन 13 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल 13.6 लाख टन का उत्पादन हुआ था। तरबूज का उत्पादन पिछले साल के 31.5 लाख टन के मुकाबले 31.2 लाख टन रहने का अनुमान है।

केले का उत्पादन भी फसल वर्ष 2020-21 में बढ़कर तीन करोड़ 37.5 लाख टन होने का अनुमान है जो पिछले साल तीन करोड़ 25.9 लाख टन का हुआ था।

मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि इस साल देश में कुल फलों का उत्पादन बढ़कर 10 करोड़ 32.2 लाख टन होने की संभावना है, जो पिछले साल 10.2 करोड़ टन ही था।

प्रमुख सब्जियों में - आलू और प्याज का उत्पादन - पिछले वर्ष से कहीं अधिक होने का अनुमान है। टमाटर के मामले में, उत्पादन पिछले साल के दो करोड़ 11.7 लाख टन से घटकर इस साल दो करोड़ 1.4 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया है।

प्याज का उत्पादन पिछले साल के दो करोड़ 60.9 लाख टन से बढ़कर इस साल दो करोड़ 62.9 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि आलू का उत्पादन पिछले साल के चार करोड़ 85.6 लाख टन से बढ़कर पांच करोड़ 31.1 लाख टन होने की संभावना है।

देश में कुल सब्जियों का उत्पादन वर्ष 2020-21 में बढ़कर 19 करोड़ 36 लाख टन होने का अनुमान है जो पिछले वर्ष 18 करोड़ 89 लाख टन रहा था।

इस साल शहद का उत्पादन 1,20,000 टन होने पर पूर्ववत रहने का अनुमान है, जबकि इस साल मसाला उत्पादन मामूली कम यानी एक करोड़ 2.4 लाख टन रहने का अनुमान है।

आंकड़ों में कहा गया है कि बागवानी फसलों का कुल उत्पादन फसल वर्ष 2020-21 में बढ़कर 32 करोड़ 65.7 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले साल 32 करोड़ 7.6 लाख टन का हुआ था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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