लाइव न्यूज़ :

टीवी, डिजिटल मनोरंजन उद्योग के कर्मियों को सिनेमा कामगार की श्रेणी में रखें: संसदीय समिति

By भाषा | Updated: December 19, 2018 02:23 IST

एक संसदीय समिति ने टीवी, प्रसारण, डिजिटल मनोरंजन, विज्ञापन क्षेत्रों के कामगारों को ‘सिनेमा कामगार और सिनेमा थियेटर कामगार (विनियमन एवं रोजगार) अधिनियम, 1981के तहत लाने की सिफारिश की है

Open in App

एक संसदीय समिति ने टीवी, प्रसारण, डिजिटल मनोरंजन, विज्ञापन क्षेत्रों के कामगारों को ‘सिनेमा कामगार और सिनेमा थियेटर कामगार (विनियमन एवं रोजगार) अधिनियम, 1981के तहत लाने की सिफारिश की है तथा कानून के तहत सभी कार्यकर्ताओं के लिए वेतन दोगुना करने का पक्ष लिया है।

  समिति ने इस कानून के तहत वेतन को दोगुना कर 16,000 रुपये करने अथवा एकमुश्त भुगतान करने की स्थिति में लगभग दो लाख रुपये का भुगतान करने का सुझाव दिया है।

श्रम मामले पर संसदीय स्थायी समिति ने आज संसद में प्रस्तुत 'टेलीविजन, प्रसारण, डिजिटल मनोरंजन, विज्ञापन उद्योग कामगार सुरक्षा, सुरक्षा एवं कल्याण' विषय पर पेश किये गये अपनी रिपोर्ट में कहा,"सिनेमा थिएटर वर्कर्स (विनियमन एवं रोजगार) अधिनियम 1981 के दायरे में टेलीविजन, प्रसारण, डिजिटल मनोरंजन, विज्ञापन उद्योग के कामगार शामिल नहीं थे .... समिति अनुशंसा करती हैं कि कथित अधिनियम के खंड 2 (सी) में जल्द से जल्द टेलीविजन, प्रसारण शामिल करने के लिए इसका संशोधन किया जाए।’’

इस बात का संज्ञान लेते हुए कि मई 2002 में सिने श्रमिकों का पारिश्रमिक बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रति माह या एकमुश्त भुगतान के मामले में एक लाख रुपये किया गया था, पैनल ने सिफारिश की कि एक सिने कामगार का पारिश्रमिक प्रति माह अधिकतम 16,000 रुपये किया जाए या यदि एकमुश्त या किश्तों में भुगतान किया जाता है तो 2 लाख रुपये की जाये।

समिति ने श्रम मंत्रालय को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ एक चूक-मुक्त नियामक तंत्र स्थापित करने की भी सिफारिश की।

टेलीविजन या प्रसारण या डिजिटल उद्योग में कामगारों की पहचान करने में समस्याओं को हल करने के लिए समिति ने सिफारिश की कि दोनों मंत्रालयों को अधिनियम के तहत जल्द से जल्द इन श्रमिकों का देशव्यापी सर्वेक्षण कराना चाहिए।

समिति ने बेहतर ढंग से महिला कामगारों की सुरक्षा संरक्षा को पूरा करने के लिए विशिष्ट सुरक्षा उपायों को स्थापित करने की भी सिफारिश की और कड़े दंड प्रावधानों को लाने की वकालत की जो एक निवारक प्रतिरोधक के रूप में कार्य करेंगे।

टॅग्स :डिजिटल इंडिया
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारFinancial Rules 2026: आधार, पैन और डिजिलॉकर के ये 5 नए नियम आज ही चेक करें, वरना रुक सकता है आपका जरूरी काम

कारोबारजन्म के बाद डिजिटल जनगणना खुद ही अपडेट और मृत्यु होगी तो नाम खुद ही डाटा से डिलीट?

भारत2027 Digital Census: अमित शाह ने भारत की पहली 2027 डिजिटल जनगणना के लिए लॉन्च किया शुभंकर

भारतअभी भी खत्म नहीं हुआ है रेडियो का आकर्षण

भारतकेवल डिजिटल फौज खड़ी करने से क्या होगा?, कितनी बड़ी होगी और कैसे काम करेगी?

बॉलीवुड चुस्की अधिक खबरें

बॉलीवुड चुस्कीप्रियंका चोपड़ा ने जीजा राघव चड्ढा का बढ़ाया हौसला, चर्चा में है 'देसी गर्ल' का यह कदम

बॉलीवुड चुस्कीआदित्य धर ने संतोष कुमार आरएस को भेजा नोटिस, कुमार ने दावा किया था कि 'धुरंधर 2' के मेकर्स ने उनकी कहानी को किया है कॉपी

बॉलीवुड चुस्कीरिलीज के 20 साल बाद?, रैपर यो यो हनी सिंह और बादशाह के 'अश्लील और अपमानजनक' गाने को हटाने का निर्देश, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा-‘अंतरात्मा पूरी तरह से झकझोर’ दी?

बॉलीवुड चुस्की13 दिन में 1435 करोड़! धुरंधर 2 बनी चौथी सबसे बड़ी फिल्म, RRR को पछाड़कर रच दिया इतिहास

बॉलीवुड चुस्कीRamayana: रणबीर कपूर की 'रामायण' का टीजर, इमोशनल हुए फैंस