लाइव न्यूज़ :

अगर चुनाव आयोग से पहले टीवी चैनल बताएंगे इलेक्शन की तारीख तो कैसे बचेगी लोकतंत्र में आस्था?

By रंगनाथ | Updated: March 27, 2018 17:21 IST

मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने मंगलवार को कर्नाटक विधान सभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की। राज्य में 12 मई को मतदान होगा और 15 मई को मतगणना होगी।

Open in App

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय एक बार फिर चर्चा में है। वो पहले भी कई बार चर्चा में आ चुके हैं लेकिन ग़लत या भ्रामक खबरों या ट्वीट को लेकर। लेकिन इस बार नियति ने उनके संग उलटा खेल खेल दिया है। इस बार वो सही ख़बर देने की वजह से चर्चा में है। बस उनसे थोड़ी सी चूक हो गयी। उन्होंने चुनाव आयोग से पहले ही कर्नाटक विधान सभा चुनाव 2018 की तारीखों की ट्विटर पर घोषणा कर दी। मंगलवार (27 मार्च) को मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत प्रेस वार्ता करके पत्रकारों को कर्नाटक चुनाव का ब्योरा दे रहे थे। रावत ने अभी वोटिंग और काउंटिंग की तारीख बतायी भी नहीं थी कि ट्विटर पर अमित मालवीय का ट्वीट वायरल होने लगा। मालवीय ने ट्वीट किया था कि मतदान 12 मई को और मतगणना 18 मई को होगी। सवालों से घिरने के बाद मालवीय ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

प्रेस वार्ता में पत्रकारों ने मुख्य चुनाव आयुक्त से पूछा तो उन्होंने उचित कार्रवाई करने की बात कहकर मामले को फौरी तौर पर टाल दिया। लेकिन तीर कमान से निकल चुका था। कांग्रेस ने तुरत-फुरत बीजेपी को सुपर इलेक्शन बता दिया। अमित मालवीय ने अपने बचाव में कहा कि उन्होंने टाइम्स नाउ टीवी चैनल देखकर ट्वीट किया था। हैरत की बात ये है कि अमित मालवीय इस बार भी सच्चे प्रतीत हुए। टाइम्स नाउ चैनल के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर सोमवार (26 मार्च) रात साढ़े दस बजे के करीब ही ब्रेकिंग न्यूज चला दी गयी थी कि कर्नाटक चुनाव के लिए 12 मई को मतदान होगा और 15 मई को नतीजे आएँगे। 

ये भी पढ़ें- कर्नाटक चुनाव: बीजेपी आईटी सेल हेड ने चुनाव आयोग से पहले ही बता दी मतदान की तारीख

ये भी पढ़ें- चुनाव आयोग से 12 घंटे पहले ही न्यूज चैनल ने बता दी कर्नाटक में वोटिंग और मतगणना की तारीख

कुछ समाचार चैनलों ने खबर चलायी कि अमित मालवीय ने सोमवार रात को भी कर्नाटक चुनाव के बारे में ट्वीट किया था और उसे भी डिलीट कर दिया था। इतना साफ है कि सोमवार रात और मंगलवार दिन में चुनाव आयोग से पहले टाइम्स नाओ चैनल और बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कर्नाटक चुनाव की तारीखों की घोषणा चुनाव आयोग से पहले कर दी थी। कैसे इसका जवाब अब चुनाव आयोग को देना है, जाँच एजेंसियों को देना है। 

देखें वीडियो-

पिछले कुछ सालों में चुनाव आयोग कई बार विवादों से घिर चुका है। दिल्ली में ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में आम आदमी पार्टी के विधायकों की सदस्यता रद्द करना का फैसला हो गोवा या मेघालय जैसे राज्यों में सरकार गठन को लेकर चुनाव आयोग पर उठे सवाल या ईवीएम से जुड़ी आम लोगों या राजनीतिक दलों की चिंताएँ आयोग को इनका उन्मूलन करना होगा। चुनाव आयोग को ध्यान रखना होगा कि लोकतंत्र की विश्वसनीयता स्वच्छ एवं पारदर्शी चुनाव पर ही निर्भर है। अगर लोगों का चुनाव आयोग से भरोसा उठा तो लोकतंत्र से विश्वास उठते देर नहीं लगेगी। चुनाव आयोग को वो कार्रवाई करके दिखाने होगी जिसका उसने पत्रकारों को आश्वासन दिया है।

टॅग्स :विधानसभा चुनावकर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबीजेपी 47वां स्थापना दिवस समारोहः करोड़ों कार्यकर्ता को बधाई, हम पार्टी को अपनी मां मानते हैं?, पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा-भावुक पोस्ट, वीडियो

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबहुमत का कर्त्तव्य भी बनता है अल्पमत को संरक्षण दे?, देश के 5 राज्यों में चुनाव की घोषणा?

भारतक्या महिला आरक्षण लॉटरी के जरिए मिलेगा?, उपसभापति की दौड़ दिलचस्प?

भारतAssembly elections 2026: राष्ट्रीय राजनीति भी तय करेंगे विधानसभा चुनाव

राजनीति अधिक खबरें

राजनीतिDUSU Election 2025: आर्यन मान को हरियाणा-दिल्ली की खाप पंचायतों ने दिया समर्थन

राजनीतिबिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलीं पाखी हेगड़े, भाजपा में शामिल होने की अटकलें

राजनीतिBihar voter revision: वोटरों की सही स्थिति का पता चलेगा, SIR को लेकर रूपेश पाण्डेय ने कहा

राजनीतिबिहार विधानसभा चुनावः बगहा सीट पर बीजेपी की हैट्रिक लगाएंगे रुपेश पाण्डेय?

राजनीतिगोवा विधानसभा बजट सत्रः 304 करोड़ की 'बिना टेंडर' परियोजनाओं पर बवाल, विपक्ष का हंगामा