Delhi photographer stabbed to death by muslim girlfriends family because of anti love jihad activists | ब्लॉगः प्यार से नफरत के ठेकेदारों, दिल्ली में बीच सड़क पर युवक का गला कटना तुम्हारी देन है

दिल्ली में बीती गुरुवार रात 23 वर्षीय अंक‌ित नाम के एक युवक की गला काट कर नृशंस हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक इस घटना को इसलिए अंजाम दिया गया क्योंकि अंकित एक दूसरे समुदाय की लड़की से प्यार करता था। पुलिस ने बताया कि अलग समुदायों से होने के कारण 20 वर्षीय लड़की के पिता, मां, नाबालिग भाई और चाचा इस संबंध के खिलाफ थे। उन्होंने 23 वर्षीय युवक अंकित को अपनी बेटी से दूर रहने के लिए धमकाया था। अंकित और लड़की बीते तीन सालों से एक-दूसरे से परिचित थे। जब अंकित नहीं माना तो लड़की के घर वालों ने युवक की हत्या कर दी।

बीते साल 22 दिसंबर को सत्याग्रह के पत्रकार राहुल कोटियाल को उनकी रिपोर्ट, 'कैसे चलता है वह गुप्त अभियान जो हिंदू संगठन 'लव जिहाद' से मुकाबले के लिए चला रहे हैं?' के लिए साल 2016 का रामनाथ गोयनका अवार्ड दिया गया था। यह रिपोर्ट उन्होंने 11 मई 2016 को प्रकाशित की थी। इसमें उन्होंने उत्तराखंड व उत्तरी भारत में 'लव जिहाद' के मुकाबले के लिए हिन्दू संगठनों द्वारा किए गए कामों का जिक्र किया था।

दिल्ली की घटना का इस सीधे तौर पर उस रिपोर्ट से कोई लेनादेना नहीं है। ना ही नीचे लिखी इन घटनाओं का-

'लड़की को लव जिहाद से बचाने के लिए' आदमी को जिंदा जलाया

राजस्थान के राजसमंद में पिछले साल दिसंबर में 'लड़की को लव जिहाद से बचाने के लिए' एक शख्स को बुरी तरह से पीटने के बाद जिंदा जलाने का मामला सामने आया। आरोपी शंभूनाथ रायगर ने इस भयानक कृत्य को रिकार्ड भी किया व इसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया। घटना का वीडियो वायरल हो गया।

केरल हदिया मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा

केरल में एक हिंदू लड़की द्वारा इस्लाम अपनाने के बाद एक मुस्लिम लड़के से शादी करने के बाद उपजा विवाद नवंबर 2017 में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट इस कथित लव जेहाद के पहले मामले की सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया। 

हिन्दू लड़की अखिला उर्फ हादिया ने अपने मुस्लिम प्रेमी से शादी कर ली थी और धर्म बदल लिया था। इस शादी को केरल उच्च न्यायालय ने रद्द घोषित कर दिया था जिसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील की गई थी। उसके पिता ने कहा था कि उनकी बेटी का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है।

यह फैसला पीठ में प्रधान न्यायाधीश के साथ शामिल न्यायमूर्ति ए.एम.खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाई चंद्रचूड़ द्वारा हदिया से 25 मिनट की बातचीत के बाद सुनाया। हदिया ने बातचीत के दौरान अपनी हाउस इंटर्नशिप पूरी करने और डॉक्टर बनने की इच्छा जताई। हदिया ने मलयालम में अपनी बात रखी जिसे एक वकील ने अनुवाद कर पीठ को बताया।

दो घंटे तक चली जिरह में निर्णायक क्षण तब आया जब हदिया के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि यहां बहस हदिया और शफीन के विवाह को लेकर नहीं हो रही है, न ही उसके इस्लाम स्वीकारने या किसी अन्य बात पर हो रही है, बल्कि इस पर हो रही है कि उसे उसके पिता की कस्टडी में कैसे रखा जा सकता है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने हदिया से पूछा, "भविष्य के लिए तुम्हारा सपना क्या है?" जवाब में उसने कहा, "आजादी, रिहाई।"

'लव जिहाद' विवाद को लेकर गाजियाबाद भाजपा अध्यक्ष को पद से हटाया

उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गाजियाबाद शहर के भाजपा अध्यक्ष अजय शर्मा को पिछले साल दिसंबर में पद से हटा दिया था। शर्मा और उनके साथ 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने हिंदू महिला और मुस्लिम युवक की शादी को 'लव जिहाद' बताकर पुलिस के साथ झड़प की थी।

22 दिसम्बर को महिला के परिवार वालों ने गाजियाबाद में अपने घर पर शादी की रिसेप्शन पार्टी का आयोजन किया था। भारतीय जनता पार्टी और हिंदू संगठनों के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं सहित शिवसेना, बजरंग दल और जय शिव सेना के कार्यतर्काओं ने राज नगर में घर के बाहर शादी का विरोध करते हुए यातायात बाधित कर दिया था।

राजस्‍थान में लव जिहाद के विरोध में आक्रोश रैली

राजस्थान हाईकोर्ट एक पिता ने कहा कि जिस बेटी को 23 साल तक पाला-पोसा वो आज मुझे पहचानती भी नहीं। ये सब उस मुस्लिम लड़के की वजह से हो रहा है।

मामला पिछले साल नवंबर का है। राजस्‍थान के जोधपुर की पायल ने अपनी मर्जी के लड़के शादी कर ली थी। इसके बाद विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल सहित कई हिन्दू संगठनों की ओर से धर्मसभा और आक्रोश रैली निकाली गईं।

ये हालिया मामले हैं। निश्‍चित तौर पर दिल्ली की घटना का इन सब से सीधे तौर पर कोई लेनादेना नहीं है। गूगल पर 'लव जिहाद' सर्च करने पर मिलने वाले 4,48,000 रिजल्ट्स में सबसे ऊपर दिखने वाले विकीपीडिया पेज की पहली लाइन- 'लव जिहाद या रोमियो जिहाद एक षड्यंत्र है जिसके तहत युवा मुस्लिम लड़के और पुरुष गैर-मुस्लिम लड़कियों के साथ प्यार का ढोंग करके उनका धर्म-परिवर्तन करते हैं।' या फिर राहुल को‌टियाल की रिपोर्ट की लाइन- "इस अभियान को 'बेटी बचाओ, बहू लाओ' कहा जाता है। इसका मतलब है कि हिंदू बेटियों को किसी अन्य धर्म में जाने से बचाया जाए जबकि अन्य धर्म की लड़कियों का बहू के रूप में स्वागत किया जाए" का सीधे तौर पर इस घटना से कोई लेनादेना नहीं है।

लेकिन यही पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का साल 2015 में दिया गया एक वाक्यांश दिमाग में कौंधता है- 'भारत तभी तक सफल रहेगा जब तक वह धार्मिक आधार पर बंटता नहीं है।'


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