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नरेंद्र सिंह तोमर का ब्लॉगः आगे बढ़ा है भारत, दुनिया में बढ़ी है साख

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: September 17, 2022 08:40 IST

आज प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर मैं यह उल्लेख करना चाहता हूं कि क्या होता यदि हमें उनका यशस्वी नेतृत्व नहीं मिलता? मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि हम वह उपलब्धि अर्जित नहीं करते जो मोदी जी के शासनकाल में देश ने प्राप्त की है।

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लाल किले की प्राचीर पर लहराता हमारा ध्वज और उसकी आभा में कर्मपथ की घोषणा करते हुए हमारे कीर्तिवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं, ‘आज जब हम अमृत काल में प्रवेश कर रहे हैं, अगले 25 साल हमारे देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आजादी का 75वां स्वतंत्रता दिवस एक ऐतिहासिक दिन है और यह पुण्य पड़ाव, एक नई राह, एक नए संकल्प और नए सामर्थ्य के साथ कदम बढ़ाने का शुभ अवसर है।’

इस बार स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को आत्मगौरव का भान करवाया तो अनुभव हुआ कि जैसे सुप्त स्रोत में एकाएक ऊर्जा का संचार हुआ है। हमें आत्मगौरव का भान कराने वाले आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी का आज जन्मदिन है। इस महत्वपूर्ण दिन पर मुझे उनके समूचे कृतित्व को देख कविता की यह पंक्ति याद आती है-

‘जिसको न निज गौरव तथा निज देश का अभिमान हैवह नर नहीं, नर पशु निरा है, और मृतक समान है।’

अपने देश की विरासत के प्रति हमें सजग और गौरवाभिमानी बनाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र निर्माण के सूत्र भी बताए हैं। वे कहते हैं कि जय जवान, जय किसान का लाल बहादुर शास्त्री का मंत्र आज भी देश के लिए प्रेरणा है। अटल जी ने जय विज्ञान कह कर उसमें एक कड़ी जोड़ दी थी लेकिन अब अमृत काल के लिए एक और अनिवार्यता है, वो है जय अनुसंधान। जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान। तो हमें लगता है कि अपने बौद्धिक सामर्थ्य से समूची दुनिया का गुरु कहलाने वाला भारत अपनी अनुसंधान क्षमता में निखार लाकर पुन: शीर्ष पर स्थापित हो सकता है।

याद कीजिए लाल किले की प्राचीर से कहे गए मोदी जी के शब्द। उन्होंने कहा था, ‘जब हमारा ब्रह्मोस दुनिया में जाता है तो कौन हिंदुस्तानी नहीं होगा, जिसका मन आसमान को न छूता हो। हमारी वंदे भारत ट्रेन विश्व के लिए आकर्षण है। हमें आत्मनिर्भर बनना है। हम कब तक एनर्जी सेक्टर में किसी और पर निर्भर रहेंगे। सोलर का क्षेत्र, विंड एनर्जी का क्षेत्र, मिशन हाइड्रोजन, बायो फ्यूल की कोशिश, इलेक्ट्रिक व्हीकल पर जाने की बात हो, हमें आत्मनिर्भर बनकर इन व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाना होगा। प्राकृतिक खेती भी आत्मनिर्भरता का मार्ग है। नैनो फर्टिलाइजर के कारखाने नई आशा लेकर आए हैं। आज ग्रीन जॉब के क्षेत्र तेजी से खुल रहे हैं। प्राइवेट सेक्टर से भी आह्वान करता हूं कि हमें विश्व में छा जाना है।’ यह आह्वान हममें उत्साह का संचार करता है। हमें प्रेरित करता है कि हम देश के नवनिर्माण कार्य में पूर्ण सामर्थ्य से जुट जाएं। न वे अतीतजीवी हैं और न केवल भविष्य के कोरे स्वप्न बुनने वाले नेता। यदि वे कोई स्वप्न देखते हैं तो उसे पूर्ण करने का मार्ग और साधन भी प्रस्तुत करते हैं।  

मोदी जी के मुख्यमंत्रित्व काल में गुजरात ने भूकंप की भीषण आपदा का सामना किया। गुजरात में पहले बिजली, पेयजल, सिंचाई व सड़कों का अभाव था, इनके साथ ही राज्य सांप्रदायिक कलह का भी केंद्र था। गोधरा कांड तो हुआ लेकिन उसके बाद मोदीजी ने जिस प्रकार से राज्य की कानून-व्यवस्था को संभाला तो उसके बाद से गुजरात में आज तक दंगा नहीं हुआ।  

आज देश में गरीबी उन्मूलन, गैरबराबरी की समाप्ति, महिलाओं का सशक्तिकरण, रोजगार के अवसरों का सृजन हो रहा है और अर्थव्यवस्था को स्थायित्व मिल रहा है, औद्योगिकीकरण बढ़ रहा है, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया व स्किल इंडिया पर काम हो रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आम किसानों के लिए सुरक्षा कवच सिद्ध हुई है तो कश्मीर में केसर पार्क के विकास के कारण केसर के दाम एक लाख से बढ़कर दो लाख रुपए हो गए हैं।  एमएसपी को डेढ़ गुना किया गया, वहीं दलहन-तिलहन की खरीद करना भी मोदी सरकार ने प्रारंभ किया। खेती के क्षेत्र में निवेश के द्वार खोलते हुए एक लाख करोड़ रुपए के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की शुरुआत की गई, वहीं कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए और भी 50 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का प्रावधान किया गया। खाद्य तेलों की कमी पूरी करने के लिए 11 हजार करोड़ रुपए का ऑयल पाम मिशन शुरू किया गया।

आज प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर मैं यह उल्लेख करना चाहता हूं कि क्या होता यदि हमें उनका यशस्वी नेतृत्व नहीं मिलता? मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि हम वह उपलब्धि अर्जित नहीं करते जो मोदी जी के शासनकाल में देश ने प्राप्त की है। क्या देश, क्या विदेश, क्या सेना, क्या कृषि, क्या शिक्षा, क्या इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण, कोई पहलू ऐसा नहीं है जहां मोदी जी ने कार्य न किया हो और जहां उनका यशोगान न हुआ हो। हमने उनके नेतृत्व में कोरोना के कठिन दिनों का सामना किया है, हमने उनके नेतृत्व में प्रगति की गाथा लिखी है। उनके होने में राष्ट्र के गौरव और प्रगति का होना है। ऐसे यशस्वी, संकल्प सिद्ध प्रधानमंत्री मोदी जी को जन्मदिन पर अशेष शुभकामनाएं। हम सभी उनके दीर्घायु होने की प्रार्थनाएं करते हैं।

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