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ब्लॉग: कृषि क्षेत्र के कायापलट की दिशा में कदम

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: September 4, 2024 15:50 IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खाद्य, पोषण के फसल विज्ञान के लिए समर्पित 3,979 करोड़ रुपए की योजना को और 2,817 करोड़ रुपए के डिजिटल कृषि मिशन को मंजूरी दी. इसके अलावा कृषि शिक्षा और प्रबंधन को सशक्त करने के लिए 2,292 करोड़ रुपए के प्रावधान वाले कार्यक्रम को स्वीकृति दी गई है.

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ठळक मुद्दे किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने ठोस कदम उठाया हैकिसानों की हालत सुधारने के लिए छह बिंदुओं पर बल दिया गया हैबागवानी के विकास के लिए 860 करोड़ रुपए को मंजूरी दी गई है

देश भर के किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने जो ठोस कदम उठाया है, उससे बदहाली से जूझते किसानों को स्थायी राहत मिलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं. केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के मकसद से सोमवार को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए लगभग 14,000 करोड़ रुपए के परिव्यय वाले सात बड़े कार्यक्रमों की घोषणा की. 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खाद्य, पोषण के फसल विज्ञान के लिए समर्पित 3,979 करोड़ रुपए की योजना को और 2,817 करोड़ रुपए के डिजिटल कृषि मिशन को मंजूरी दी. इसके अलावा कृषि शिक्षा और प्रबंधन को सशक्त करने के लिए 2,292 करोड़ रुपए के प्रावधान वाले कार्यक्रम को स्वीकृति दी गई है. टिकाऊ पशुधन स्वास्थ्य के लिए 1,702 करोड़ रुपए की योजना को और बागवानी के विकास के लिए 860 करोड़ रुपए को मंजूरी दी गई है. कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए 1,202 करोड़ रुपए के आवंटन को, तो प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को मजबूती देने के लिए 1,115 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी गई है. 

किसानों की हालत सुधारने के लिए छह बिंदुओं पर बल दिया गया है, जिनका उद्देश्य वर्ष 2047 तक जलवायु अनुकूल फसल विज्ञान और खाद्य सुरक्षा के लिए किसानों को तैयार करना है. ये छह बिंदु अनुसंधान और शिक्षा, पादप आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन, खाद्य और चारा फसल के लिए आनुवंशिक सुधार, दलहन एवं तिलहन फसल सुधार, वाणिज्यिक फसलों में सुधार और कीटों, सूक्ष्म जीवों एवं परागण तत्वों से जुड़े शोध से संबंधित हैं. 

अभी तक किसानों को कर्ज माफी और बिजली बिल माफी जैसे तात्कालिक उपायों से अल्पकालिक राहत ही दी जाती थी. यह पहली बार है कि सरकार ने किसानों की हालत सुधारने के लिए दशकों आगे तक की दीर्घकालिक योजना तैयार की है. दरअसल तकनीकी विकास को कृषि क्षेत्र में लागू करने की व्यापक योजना की ओर अभी तक ध्यान ही नहीं दिया गया था. किसान अगर वैज्ञानिक ढंग से खेती करें, जलवायु के अनुकूल फसल लें तो कृषि को फायदे का सौदा बनाया जा सकता है और रोजगार के लिए शहरों की ओर भागती नई पीढ़ी को भी गांवों में कृषि की तरफ आकर्षित करने में मदद मिल सकती है.

टॅग्स :Agriculture Ministryशिवराज सिंह चौहानShivraj Singh Chouhan
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