लाइव न्यूज़ :

ब्लॉग: सोना-चांदी की आड़ में ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ का धंधा!

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: August 21, 2023 09:36 IST

साफ है कि ऋण लेते समय कुछ हेरफेर हुई। कुछ हद तक इसी में ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ की भी आशंका है। पिछले कुछ सालों से केंद्र सरकार नकदी की हेराफेरी में जोरदार कार्रवाई कर रही है, जिसमें उसे हाल ही में अस्तित्व में आए ‘मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ के प्रावधानों से ताकत मिली हुई है।

Open in App

महाराष्ट्र के अनेक स्थानों पर राजमल लखीचंद ज्वेलर्स की दुकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम की छापेमारी के बाद यह तय हो गया है कि कहीं न कहीं गड़बड़ी तो है।

हालांकि जब ईडी के अधिकारियों ने राजमल लखीचंद ज्वेलर्स के अनेक ठिकानों पर छापा मारा तो वहां सोने का भारी भंडार होने का अंदेशा था। मगर कार्रवाई में सिर्फ 40 किलोग्राम सोना ही मिला, जबकि स्टेट बैंक से 353 करोड़ रुपए का कर्ज लेते समय 1284 किलोग्राम सोना बताया गया था।

साफ है कि ऋण लेते समय कुछ हेरफेर हुई। कुछ हद तक इसी में ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ की भी आशंका है। पिछले कुछ सालों से केंद्र सरकार नकदी की हेराफेरी में जोरदार कार्रवाई कर रही है, जिसमें उसे हाल ही में अस्तित्व में आए ‘मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ के प्रावधानों से ताकत मिली हुई है।

नए कानून के अनुसार किसी भी आभूषण दुकानदार के लिए ग्राहक से 10 लाख रुपए या उससे अधिक की नकद बिक्री या लेन-देन करने की जानकारी संबंधित विभागों को देना आवश्यक हो गया है। भले ही लेन-देन एक से अधिक बार में क्यों न किया गया हो। इससे गलत तरीके से धन कमाकर बाजार के जरिये सफेद करने वाले निशाने पर हैं।

कुछ खास तरीकों जैसे ड्रग, हथियार, अपराध या भ्रष्टाचार के जरिये कमाने वाले नए कानून के तहत सरकार की नजर में हैं। सरकार सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों के कारोबार और आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए अनेक स्तर पर मुहिम आरंभ कर चुकी है।

दरअसल गैरकानूनी रूप से कमाए पैसे को सोने में बदल देने का बहुत आसान-सा चलन है। इसके अलावा जहां धन नहीं दिखाना हो, वहां आभूषणों से काम सरल हो जाता है।

इस काम में आभूषण विक्रेताओं की भूमिका हमेशा ही शक के दायरे में रही है। ताजा मामले में राजमल लखीचंद ज्वेलर्स कोई नया नाम नहीं है और न ही उसका मामला ताजा है। उसकी पिछले साल से प्रकाश में आए मामले की जांच आरंभ थी और जिसमें छापेमारी और गहन जांच की कार्रवाई अब हुई है।

देखने में आ रहा है कि जब से नोटबंदी हुई या दो हजार रुपए का नोट बंद हुआ, तब से सोने-चांदी के प्रति सामान्य रुझान बढ़ा है. मगर गलत रास्तों से की गई कमाई को सोने-चांदी में बदलना काफी पुराना है, जिस पर कानूनी कार्रवाई नहीं होने से हर वर्ग को आसानी नजर आती है।

अब कानून के अमल में आने और शिकायतें सामने आने से कार्रवाई आरंभ हुई है। इनकी तह तक जाने से आभूषणों की आड़ में हो रहे गलत कामों पर रोक भी लगाई जा सकेगी।

फिलहाल राजमल लखीचंद ज्वेलर्स के माध्यम से कर्ज के मामले से परतें खुलना आरंभ हुई हैं लेकिन तह तक पहुंचना आसान नहीं है। बड़े कारोबार की बड़ी फेहरिस्त होती है, जिसमें सही और गलत को परखने के लिए बारीक नजर जरूरी है। ईडी की कार्रवाई की यही परीक्षा और यही अपेक्षा है।

टॅग्स :सोने का भावबिजनेसमनी लॉऩ्ड्रिंग मामलाभारत
Open in App

संबंधित खबरें

भारत3 दिन के भारत दौरे पर बांग्लादेशी विदेश मंत्री, क्या सुलझेंगे पुराने मुद्दे? जानें क्या मुद्दे शामिल

कारोबारGold Rate Today: 6 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारमार्च बनाम अप्रैल के वेतन में टैक्स गणना के बदले नियम, क्या आपकी सैलरी पर पड़ेगा असर? जानें

कारोबारकृत्रिम बुद्धिमत्ता पर फोकस कीजिए?, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कर्मयोगी प्लेटफॉर्म से जुड़ने को कहा, लिखा पत्र

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: ईंधन की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन! क्या भारत में महंगा हो गया पेट्रोल और डीजल? जानें

कारोबाररुपये की तेज छलांग! 2013 के बाद सबसे बड़ा उछाल

कारोबारपश्चिम एशिया युद्ध के बीच जमकर गाड़ी खरीद कर लोग?, 2025-26 में 13.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,96,71,064?, जानिए दोपहिया वाहनों की संख्या