वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
ट्रम्प का यह कहना कि अमेरिकी सेना ईरान पर हमला बोलती, उसके दस मिनट पहले उन्होंने उसे इसलिए रोक दिया कि उस हमले से 150 ईरानियों की मौत हो जाती, यह बात बहुत हास्यास्पद है. ...
पिछले चुनाव के दौरान जो वायदे भाजपा और मोदी ने किए थे, उनमें से ज्यादातर अधूरे रह गए. उनका जिक्र राष्ट्रपतिजी करते और उन्हें पूरा करने का भरोसा दिलाते तो और भी अच्छा होता. लेकिन असलियत यह है कि यह भाषण तो मूलत: प्रधानमंत्नी-कार्यालय ही तैयार करता है. ...
एक साथ चुनाव के मुद्दे पर विचार करने के लिए सरकार ने उन 40 दलों के अध्यक्षों को आमंत्रित किया था, जिनका एक भी सदस्य अभी की संसद में चुना गया हो. 40 में से 24 दल आए. तीन दलों ने लिखकर अपने विचार भेज दिए. नई संसद का सत्न शुरू हुआ है. ...
कनाडा के क्यूबेक प्रांत में एक कमाल का कानून पास हुआ है. इसके मुताबिक वहां का कोई भी सरकारी नागरिक अब अपना धार्मिक चिह्न सार्वजनिक रूप से धारण नहीं कर सकता ...
सरकारें चाहे पांच साल के पहले भंग होती रहें लेकिन विधानसभाएं और लोकसभाएं पांच साल तक जस की तस टिकी रहें. इस मौके पर शायद हमें अपने दल-बदल कानून पर भी पुनर्विचार करना पड़े. ...
अगले पांच साल में अपनी अर्थव्यवस्था में लगभग 100 प्रतिशत की वृद्धि की बात करना हवाई किले बनाने जैसी बात लगती है. इस समय अमेरिका की अर्थव्यवस्था 19.48 लाख करोड़, चीन की 12.27 लाख करोड़, जापान की 4.8 लाख करोड़ और जर्मनी की 3.69 लाख करोड़ की है. ...