वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
कानून की अंग्रेजी भाषा अपने आप में इतनी उलझी हुई होती है और उसके वाक्य इतने पेचीदा और लंबे होते हैं कि हमारा कानून जादू-टोना बनकर रह जाता है. हमारे बड़े-बड़े जज और वकील उन अंग्रेजी शब्दों के बाल की खाल उधेड़ने में इतने मशगूल हो जाते हैं कि न्याय एक क ...
देश की सभी पार्टियों ने इस आंदोलन का समर्थन किया था. यदि देश से जातीयता खत्म करनी है तो जातीय उपनाम आदि हटाना तो बस एक शुरुआत भर है. ज्यादा जरूरी है कि जातीय आधार पर नौकरियों में आरक्षण को तत्काल खत्म किया जाए. ...
तृणमूल कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि भाजपा ने यह फिजूल का जाल बिछाया हुआ है. भाजपा नेताओं का कहना है कि ‘कट मनी’ की कुप्रथा कम्युनिस्टों के समय से जरूर चली हुई है लेकिन तृणमूल कांग्रेस के राज में इसने नई ऊंचाइयां छू ली हैं, क्योंकि भाजपा नेताओं के अ ...
अमेरिका का आग्रह है कि किम अपने परमाणु हथियारों को नष्ट करें. किम कहते हैं कि पहले आप हम पर लगाए प्रतिबंधों को खत्म करें. द्वितीय महायुद्ध के बाद कोरिया में 1950 से 1953 तक युद्ध चलता रहा. युद्ध ने एक कोरिया को दो कोरियाओं में बदल दिया था. दक्षिण कोर ...
जहां तक रूस से एस-400 मिसाइल खरीदने की बात है, अमेरिकी विदेश मंत्नी पोंपियो की उपस्थिति में भारतीय विदेश मंत्नी जयशंकर ने साफ-साफ कह दिया था कि भारत अपने राष्ट्रहित की अनदेखी नहीं करेगा. क्या पोंपियो ने यह बात ट्रम्प को नहीं बता दी होगी? ...
पिछली अमेरिकी सरकारों की पाकिस्तान-नीति को शीर्षासन कराते हुए उनकी सरकार ने पाकिस्तान को यह बता दिया है कि वह आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगी. भारत को और क्या चाहिए? इसी मुद्दे को लेकर नरेंद्र मोदी ओसाका जा रहे हैं. ...
गहन अनुसंधान करनेवाली तीन वित्तीय संस्थाओं ने संसदीय समिति की मदद में जमीन-आसमान एक कर दिए लेकिन उनका भी कहना है कि 1980 से 2010 के दौरान भारतीयों ने विदेशों में 15 लाख करोड़ से 35 लाख करोड़ रु. तक कालाधन छिपा रखा है. ...
प्लास्टिक के बर्तनों और थैलियों से मनुष्य कैंसर, सिरोसिस और फेफड़ों की बीमारियों का शिकार हो रहा है. फिर भी वह प्लास्टिक की चीजों का इस्तेमाल बड़े शौक से करता है. अकेले भारत में प्लास्टिक उद्योग 2.25 लाख करोड़ रु. का है और इसमें 45 लाख लोग लगे हैं. ...