नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनते ही बिहार में तेज सियासी हलचल?, पोस्टर में लिखा- “हे जनेश्वर, नीतीश सेवक मांगे निशांत, पूछता बिहार-आप जैसा कौन देगा सुरक्षा गारंटी और पूरा साथ?
वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
पाकिस्तान के सेनाप्रमुख जनरल बाजवा ने इमरान के स्वर में स्वर मिलाते हुए कहा है कि पाकिस्तान कश्मीर के लिए अपने खून की आखिरी बूंद तक लड़ता रहेगा. इसका जवाब भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने बहुत ही सधे हुए तरीके से दिया है. ...
अफगानिस्तान की शांति से अमेरिका को क्या लेना-देना है. उसने ओसामा बिन लादेन को मारकर न्यूयॉर्कहमले का बदला ले लिया है. अब वह अफगानिस्तान में अरबों डॉलर क्यों बहाए और हर साल अपने दर्जनों फौजियों को क्यों दांव पर लगाए? ...
रूस वैसे चीन से अच्छे संबंध बनाए हुए है लेकिन चीन की विशाल रेशम पथ की योजना से वह सहमत नहीं है. वह चाहता है कि भारत मध्य एशिया के राष्ट्रों और सुदूर-पूर्व के क्षेत्न में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए. ...
गृह मंत्री ने अगले 15-20 दिन में संचार के सभी साधनों को खोल देने का भी संकेत दिया. कश्मीर के हर गांव के कम से कम पांच नौजवानों को रोजगार का भी भरोसा दिया गया. ...
1200 करोड़ रु. खर्च करने और साढ़े 6 करोड़ दस्तावेजों को खंगालने के बावजूद जो राष्ट्रीय नागरिकता सूची असम में बनी है, उसमें ऐसी-ऐसी हास्यास्पद और दयनीय भूले हैं कि जिनका जिक्र लंबे समय तक होता रहेगा. ...
संघ के बारे में यह विचार बद्धमूल है कि वह मुस्लिम-विरोधी है. भारत के मुस्लिम संगठन भी संघ को कोसते रहे हैं. लेकिन पिछले कुछ वर्षो में दोनों पक्षों के रवैयों में कुछ सुधार हुआ है. ...
अब दोनों देशों के बीच परंपरागत युद्ध और परमाणु-मुठभेड़ की बात पर्दे के पीछे चली गई है. सच्चाई तो यह है कि अब भारत को अपनी तरफ से कुछ करना नहीं है. उसे जो करना था, वह उसने 5 अगस्त को कर दिया. जो कुछ करना था या अब करना है, वह पाकिस्तान को करना है. ...
किसी जमाने में कांग्रेस भारत की ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी पार्टी हुआ करती थी लेकिन वह अब बस सबसे पुरानी ही रह गई है. भारत में नागरिकों को पूरी आजादी है कि वे सैकड़ों पार्टियों में से किसी के भी सदस्य बन सकते हैं लेकिन भाजपा में सदस् ...