वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
उत्तर प्रदेश के एक गांव में एक मुस्लिम परिवार के बेटे ने अपने पिता के एक हिंदू दोस्त की अपने घर में रखकर खूब सेवा की और उनके निधन पर उनके पुत्न की तरह उनके अंतिम संस्कार की सारी हिंदू रस्में अदा कीं. ...
वास्तव में ये प्रतिबंध इसलिए लगाए गए थे कि इन्हें नहीं लगाया जाता तो इस बात की आशंका थी कि अनुच्छेद 370 खत्म करने का डटकर विरोध होता, हिंसा और तोड़फोड़ होती और उसके फलस्वरूप कश्मीर की घाटी खून से लाल हो जाती. सैकड़ों लोग मारे जाते. इस दृष्टि से प्रति ...
जब हम भोजन करते हैं तो आंतों की 10 कोशिकाओं में कम से कम 1 तो क्षतिग्रस्त होती ही है. यदि हम रात को देर से भोजन और सुबह नाश्ता जल्दी करें तो उन कोशिकाओं को मरम्मत का समय ही नहीं मिल पाता. ...
दिल्ली के चुनाव को वैसा प्रचार मिला जैसा किसी भी प्रादेशिक चुनाव को नहीं मिला है. यह लगभग राष्ट्रीय चुनाव बन गया था. राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस को इस चुनाव ने दरी के नीचे सरका दिया है. अरविंद केजरीवाल के वचन और कर्म में भी अब नौसिखियापन नहीं रहा. एक ज ...
जब प्रधानमंत्री यह कहते नहीं थकते कि कश्मीरी जनता पूर्ण विलय से खुश है और नई व्यवस्था उन्हें बहुत लाभ पहुंचा रही है तो फिर डर किस बात का है? नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी के नेताओं ने तो बहुत बुरे हालात में भी हमेशा भारत का साथ दिया है. जरूरी है कि उनके घा ...
प्रधानमंत्नी का यह आश्वासन बिल्कुल समयानुकूल और सराहनीय है कि इस नए कानून से किसी भी भारतीय नागरिक (मुसलमान भी) को कोई नुकसान नहीं होनेवाला है. लेकिन मैं पूछता हूं कि यही बात मोदी और अमित शाह मुसलमान नेताओं को बुलाकर उनके गले क्यों नहीं उतारते? ...