वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
आयकर विभाग में भुगतान संबंधी जितने विवाद हर साल आते हैं, शायद अन्य किसी विभाग में नहीं आते होंगे. 2013-14 में आयकर संबंधी 4 लाख विवाद थे और 2018-19 में उनकी संख्या 8 लाख हो गई. यह संख्या दिनोंदिन बढ़ती जाएगी, क्योंकि टैक्स के घेरे में लोगों की संख्या ...
यह खुशी की बात है कि कांग्रेस के नेताओं ने राम मंदिर भूमिपूजन के मौके पर उच्चकोटि की मर्यादा का पालन किया. उन्होंने राम मंदिर कार्यक्रम का स्वागत किया ...
नई शिक्षा नीति का सबसे पहले तो इसलिए स्वागत है कि उसमें मानव-संसाधन मंत्नालय को शिक्षा मंत्नालय नाम दे दिया गया. मनुष्य को ‘संसाधन’ कहना तो शुद्ध बेवकूफी थी. नरेंद्र मोदी सरकार को बधाई कि उसने इस मंत्नालय का खोया नाम लौटा दिया.पिछले 73 वर्षो में भार ...
ऐसा लग रहा है कि राजस्थान की राजनीति पटरी पर शीघ्र ही आ जाएगी. राज्यपाल कलराज मिश्र का यह बयान स्वागत योग्य है कि वे विधानसभा का सत्न बुलाने के विरु द्ध नहीं हैं लेकिन उन्होंने जो तीन शर्ते रखी हैं, वे तर्कसम्मत हैं और उन तीनों का संतोषजनक उत्तर मुख् ...
उत्तरप्रदेश की राजनीति जातिवाद के लिए काफी बदनाम है. वहां का हर बड़ा नेता जातिवाद की बांसुरी बजाकर ही अपनी दुकानदारी जमा पाता है लेकिन लालजी टंडन ने इस मिथ्य को तोड़ा था. ...
कोरोना और उसका डर इतना फैला हुआ है कि मजदूर लोग अभी शहरों में लौटना नहीं चाहते. ऐसी स्थिति में सरकार को तुरंत कोई रास्ता निकालना चाहिए. वह चाहे तो एक ही परिवार के दो लोगों को रोजगार देने का प्रावधान कर सकती है. ...