वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
व्लादिमीर पुतिन के होश फाख्ता हो रहे होंगे कि नाटो की निष्क्रियता के बावजूद यूक्रेन अभी तक रूसी हमले का मुकाबला कैसे कर पा रहा है. अभी यूक्रेन में शांति होगी या नहीं, इस बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है. ...
देश की संसद के कानून अभी भी अंग्रेजी में ही बनते हैं. अदालतों की बहस और फैसले अंग्रेजी में ही होते हैं. जब सारे कार्य अंग्रेजी में ही चलते रहेंगे तो मातृभाषाओं को कौन पूछेगा? ...
रूस ने शीतयुद्ध-काल में भारत का लगभग हर मुद्दे पर समर्थन किया है. गोवा और सिक्किम के भारत में विलय का सवाल हो, कश्मीर या बांग्लादेश का मुद्दा हो, परमाणु बम का मामला हो- रूस ने हमेशा खुलकर भारत का समर्थन किया है. ...
यदि नाटो राष्ट्र ईमानदार और दमदार होते तो वह तत्काल ही अपनी फौजें वहां भेजकर यूक्रे नी संप्रभुता की रक्षा करते लेकिन उनका बगलें झांकना सारी दुनिया को चकित कर गया। ...
हाल में शीतकालीन ओलंपिक खेलों के उद्घाटन के अवसर पर भी ब्लादिमीर पुतिन के साथ-साथ इमरान खान भी बीजिंग गए थे. अब इमरान उस समय मास्को पहुंचे हैं, जबकि पुतिन ने यूक्रेन के तीन टुकड़े कर दिए हैं. ...
मनु महाराज ने धर्म के ये लक्षण बताए हैं- धीरज, क्षमा, मन-नियंत्रण, चोरी या लालच से बचना, शरीर-मन-बुद्धि को शुद्ध रखना, इंद्रिय-संयम, बुद्धिप्रधान रहना, सत्याचरण और क्रोध-नियंत्रण। क्या कोई मजहब, पंथ या संप्रदाय धर्म के इन लक्षणों को अनुचित बता सकता ह ...
केरल के कम्युनिस्ट नेताओं ने गुहार लगाना शुरू कर दिया है कि राज्यपाल का पद ही खत्म कर दिया जाए या विधानसभा को अधिकार हो कि उसे वह बर्खास्त कर सके. इन बातों को यदि मान लिया जाए तो भारत का संघात्मक ढांचा ही चरमराने लग सकता है. ...
रत का व्यापार और परस्पर विनिवेश शायद दुनिया में सबसे ज्यादा यूएई के साथ हो सकता है। इस समय दोनों का आपसी व्यापार 60 अरब डॉलर के आसपास है। इसे 100 अरब डॉलर होने में पांच साल भी नहीं लगेंगे, क्योंकि यूएई अपने आप में छोटा देश है लेकिन यह सारे अरब देशों ...