सुरेश पिछले 30 सालों से जम्मू कश्मीर से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। देश के कई प्रतिष्ठित दैनिकों के लिए काम करते रहे हैं। जम्मू कश्मीर से संवाददाता पद पर कार्यरत हैं। वे वास्तु, अंकशास्त्र व ज्योतिष के भी जानकार हैं।Read More
सुरक्षाबलों ने गांवों के अलावा जंगलों, पहाड़ों व नालों की छानबीन की, परंतु शाम तक किसी संदिग्ध वस्तु अथवा व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। तीन नागरिकों की कथित टार्चर से हुई मौतों के उपरांत राजौरी तथा पुंछ में इंटरनेट भी बंद है। ...
आतंकियों की तलाश में अब बहुत बड़ा आपरेशन लांच किया गया है जिसमें सैंकड़ों जवान शामिल हैं जिन्हें खोजी कुत्तों, ड्रोनों व लड़ाकू हेलिकाप्टरों की मदद दी जा रही है जबकि एनआईए की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच कर जांच का काम शुरू कर चुकी है। ...
चिल्लेकलां के दौरान डल झील का जमना कोई नई बात नहीं है। पर कश्मीर में अभी चिल्लेकलां (भयानक सर्दी का मौसम) का आगमन नहीं हुआ है पर कश्मीरी अभी से ठंड से चिल्लाने लगे हैं। ऐसे में उन्हें चिंता है कि इस बार चिल्लेकलां के दौरान कितनी भयानक सर्दी पड़ेगी। ...
लद्दाख के मोर्चे से मिलने वाली खबरें कहती हैं कि सेनाधिकारियों ने अपनी चिंताओं से सेना मुख्यालय को अवगत करवाते हुए कहा है कि इससे निपटने के उपाय तत्काल किए जाने चाहिए क्योंकि चीनी सेना की ड्रोन उड़ानें उनके सामारिक महत्व के ठिकानों को बार बार बदलने पर ...
यह एक कड़वी सच्चाई है कि कश्मीर में 36 सालों से फैले हुए पाक समर्थित आतंकवाद के दौर में न जाने कितनी बार मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश निकाले गए होंगें और कितनी बार उनकी अनदेखी की गई होगी, इसका कोई रिकार्ड ही नहीं है। ...