राजनीति में रिश्ते बदलते देर नहीं लगती. 'कोल्हान के टाइगर' कहे जाने वाले चंपई सोरेन तीन जुलाई तक झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सरकार के मुख्यमंत्री थे, फिर वापस मंत्री रह गए और अगस्त समाप्त होते-होते भाजपाई बन गए. ...
महाराष्ट्र के बदलापुर में स्कूल कर्मचारी द्वारा ही दो मासूम बच्चियों के यौन उत्पीड़न की घटना सामने आई। वहां भी सरकारी तंत्र का रवैया अपराधियों के बजाय विरोध प्रदर्शनकारियों पर सख्ती का नजर आया है। अपनी नाकामी के विरोध में प्रदर्शन करनेवालों पर पुलिस ...
84 साल के यूनुस राजनेता नहीं, माइक्रो फाइनेंस की सोच के साथ ग्रामीण बैंक स्थापित कर करोड़ों गरीबों का जीवन स्तर सुधारने के लिए नोबल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री हैं. ...
छत्तीसगढ़ में भी ‘भूपेश बघेल बनाम टीएस सिंहदेव’ कांग्रेस को ले डूबा. मध्यप्रदेश में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी द्वारा ज्योतिरादित्य सिंधिया के विरुद्ध छेड़ी गई जंग पहले सरकार को ले डूबी और फिर पार्टी को भी. ...
लोकसभा चुनाव के बाद सात राज्यों में हुए 13 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में भी मतदाताओं ने भाजपा और उसकी अगुवाईवाले राजग को झटका दिया है. भाजपा (या राजग) मात्र दो सीटें जीत पाई है, जबकि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ उससे पांच गुना यानी 10 सीटें जीतने में सफल ...
सदन संचालन और सरकार के संकटकाल में स्पीकर की भूमिका निर्णायक रहती है। संवैधानिक अपेक्षा तो यही है कि स्पीकर को दलगत राजनीति से परे निष्पक्ष रूप से सदन के संरक्षक की भूमिका निभानी चाहिए, पर पी.ए. संगमा और सोमनाथ चटर्जी जैसे ऐसे स्पीकर कम ही हुए हैं। ...