नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के युवराज शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से बात की और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान उनके देश पर हुए हमलों को लेकर चिंता जतायी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। टेलीफोन पर हुई बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों नेताओं से वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों के कल्याण और सुरक्षा पर भी चर्चा की।
अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर में शुरू हुए विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर अधिकारियों ने सुरक्षा बलों को निर्देश दिया कि वे कश्मीर में काफिलों की आवाजाही से परहेज करें। कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की वजह से मंगलवार को कश्मीर में सुरक्षा बलों को काफिलों की आवाजाही नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले 48 घंटों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निम्नलिखित देशों के नेताओं से बात की है:
1. संयुक्त अरब अमीरात
2. इज़रायल
3. सऊदी अरब
4. जॉर्डन
5. बहरीन
6. ओमान
7. कुवैत
8. कतर।
भारतीय दूतावास ने संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, सतर्क रहने और यूएई अधिकारियों तथा दूतावास द्वारा जारी सुरक्षा सलाहों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है। अबू धाबी स्थित दूतावास और दुबई स्थित वाणिज्य दूतावास ने एक बयान में कहा कि उनका कामकाज सामान्य रूप से जारी है और आवश्यकतानुसार अद्यतन जानकारी प्रदान की जाएगी।
हमने हमला इसलिए किया क्योंकि ईरान कुछ ही महीनों में परमाणु प्रतिरक्षा प्राप्त कर लेता : नेतन्याहू
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को कहा कि इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला इसलिए किया क्योंकि तेहरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू कर दिया था और वह ‘‘कुछ ही महीनों में परमाणु प्रतिरक्षा प्राप्त कर लेता’’। नेतन्याहू ने मंगलवार को फॉक्स न्यूज से कहा कि ईरान पर हमला करना बेहद जरूरी था।
क्योंकि तेहरान अपने मिसाइल एवं परमाणु कार्यक्रमों को हमलों से बचाने के लिए नए भूमिगत ठिकाने बना रहा था। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि ईरान का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पूरी दुनिया के लिए खतरा है।
इजराइली सेना की कार्रवाई का उद्देश्य केवल इजराइल की नहीं, बल्कि पूरे विश्व की सुरक्षा करना है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों में शामिल नहीं होने के अपने फैसले का सोमवार को बचाव किया।