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चेतावनी: दुनिया की 200 एनजीओ ने कहा, 'हर चार सेकेंड में भूख के कारण हो रही एक व्यक्ति की मौत'

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: September 20, 2022 16:48 IST

दुनिया भर के 200 एनजीओ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व के लिए एक ओपन लेटर जारी करते हुए बताया है कि करीब 345 मिलियन लोग भूख की भयानक समस्या से जूझ रहे हैं ।

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ठळक मुद्देविश्व के 200 एनजीओ ने ओपन लेटर जारी करके बताया कि हर चार सेकेंड में भूख से एक मौत हो रही हैलेटर में बताया गया है कि दुनिया के 45 देशों में लगभग 50 मिलियन लोग भुखमरी के कगार पर हैंआंकड़ों के मुताबिक दुनिया में हर दिन लगभग 19,700 लोगों की भूख से मौत हो रही है

न्यूयॉर्क: विश्व में भयावह तरीके से फैल रही भूखमरी की समस्या के मामले में 200 से अधिक गैर सरकारी संगठनों  (एनजीओ) ने एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि दुनिया में हर चार सेकंड में भूख के कारण कम से कम एक व्यक्ति मौत का शिकार हो रहा है।

विश्व जगत के सामने मंगलवार को इस चिंता को रखते हुए इन एनजीओ ने वैश्विक भूख संकट को समाप्त करने के लिए निर्णायक पहल के लिए सभी देशों को आगे आने आग्रह किया कि ताकि अंतरराष्ट्रीय रूप से इस समस्या से लड़ा जा सके।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए एक ओपन लेटर जारी करते हुए ऑक्सफैम, सेव द चिल्ड्रन और प्लान इंटरनेशनल सहित 75 देशों के 238 गैर सरकारी संगठनों ने भूख से हो रही मौतों पर बेहद निराशा जाहिर की है।

ओपन लेटर में विश्व समुदाय के लिए बयान जारी करते हुए कहा गया है, "एक एक बेहद चौंका देने वाला तथ्य है कि दुनिया में करीब 345 मिलियन लोग भूख की भयानक समस्या से जूझ रहे हैं और हैरानी का बात यह है कि यह संख्या 2019 के बाद से लगभग दोगुनी से अधिक हो गई है।"

इसके साथ ही दुनिया के तमाम एनजीओं ने विश्व के नेताओं से कहा, "दुनिया के तमाम नेताओं के प्रयास से 21वीं सदी में अकाल का सामना नहीं करना पड़ा लेकिन बावजूद उसके सोमालिया एक बार फिर अकाल की चपेट में है। वहीं दुनिया भर के 45 देशों में लगभग 50 मिलियन लोग भुखमरी के कगार पर खड़े हैं।"

एनजीओ के आकड़ों से यह भी पता चला है कि दुनिया में हर दिन लगभग 19,700 लोगों की भूख से मौत हो रही है। इस लिहाज से हर चार सेकंड में एक व्यक्ति भूख के मौत का शिकार हो रहा है।

ओपन लेटर जारी करने वालों में से एक यमन फैमिली केयर एसोसिएशन के मोहना अहमद अली एलजाबली ने कहा, "यह पूरे विश्व के लिए बेहज निराशाजनक खबर है कि कृषि की आधुनिक तकनीकों के बावजूद आज भी हम 21वीं सदी में भी अकाल के बारे में चर्चा कर रहे हैं और यह चिंता केवल महज केवल एक देश या एक महाद्वीप के बारे में नहीं है। भूख की समस्या के कारण विश्व का लगभग हर देश प्रभावित है और यह पूरी मानवता के लिए दुख और शर्म की बात है।"

उन्होंने कहा, "हमें तत्काल जीवन रक्षा के लिए पौष्टिक भोजन और भूखमरी से पीड़ित लोगों को दीर्घकालिक मानवीय सहायता पहुंचाने की कोशिश पर ध्यान केंद्रित करने के लिए फौरन कदम उठाने चाहिए ताकि जो लोग भूखमरी का सामना कर रहे हैं। उन्हें और उनके परिवार को जीने के लिए प्रेरणा शक्ति मिले।"

टॅग्स :संयुक्त राष्ट्रभोजन
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